चीताखेड़ा। विगत सप्ताह भर पहले से आसमान में बादलों ने अंगद की तरह पांव जमाएं रखा था। उतारु बादलों ने रिमझिम रिमझिम बारिश कभी तेज पर वो भी अधिक देर तक नहीं चल रही थी। नदी नालों और तालाबों में पानी की आवक नहीं।
हरियाली अमावस्या को मात्र 20 मिनट झमझम बारिश चली इसे देख किसान खुश होने लगा था कि अब तो खरीफ की फसलों का भविष्य सुधार जाएगा, लेकिन किसानों की यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं रही। कुछ ही मिनटों बाद फिर उदासी बन कर रह गई। झमाझम बारिश 20 मिनट बाद बंद हो गई। फिर वहीं रिमझिम बारिश रुक-रुककर चलती रही। मंगलवार को दोपहर बाद सप्ताह भर बाद तेज हवाएं चलने लगी, जिससे मानसूनी बादल हवा हवाई हो गए और धूप निकल आई। मंगलवार को मानसूनी सिस्टम के कमजोर होने व आगे बढ़ने से कभी धूप तो कभी छांव का खेल चलता रहा। शाम 5 बजे बाद आसमान में बादल पूरी तरह से छंट गए आसमान साफ हो गया और चुभन भरी धूप निकल आई। लगातार रिमझिम बारिश के चलते सोयाबीन की फसलों में इल्ली का प्रकोप हावी हो गया।