चित्तौड़गढ। असामान्य रूप से कमजोर सीमेंट की कीमतों और मांग में सुस्ती के साथ-साथ जूट इंडस्ट्री में अभूतपूर्व मंदी ने बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड की जून तिमाही की लाभप्रदता को प्रभावित किया है। मॉनसून और अन्य कारकों के चलते सीमेंट की मांग में कमी, मुकुटबन यूनिट में क्षमता उपयोग में सुधार के कारण, मात्रा के हिसाब से कंपनी की बिक्री में सिर्फ 1 प्रतिशत से भी कम की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, इसके जूट डिवीजन को जून तिमाही में झटका लगा क्योंकि सरकार ने जूट बैग के ऑर्डर कम कर दिए और शॉपिंग बैग का निर्यात लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण बाधित हो गया। जून तिमाही के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड राजस्व 9 प्रतिशतः की कमी के साथ 2,207 करोड़ रुपये रहा, जबकि 275 करोड़ रुपये का एबिटिडा पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत कम था। तिमाही के दौरान मात्रा के हिसाब से सीमेंट की बिक्री 4.38 मिलियन टन रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 4.41 मिलियन टन थी। इसका मतलब है कि क्षमता उपयोग 91 प्रतिशत है, जो रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की अनुमानित पूरे साल की औसत क्षमता उपयोग 71 प्रतिशत से काफी आगे है। तिमाही के दौरान सीमेंट की बिक्री आम चुनावों और कंपनी के कुछ प्रमुख बाजारों में खराब मौसम की स्थिति से प्रभावित हुई। फिर भी, कंपनी ने अपने प्रीमियम उत्पादों की बिक्री बढ़ा दी, जिसकी हिस्सेदारी बिजनेस चौनल के माध्यम से कुल बिक्री का 59 प्रतिशत थी। जून तिमाही के दौरान 1.85 मिलियन टन प्रीमियम उत्पाद की बिक्री साल-दर-साल 2ः की बढ़ोतरी दर्शाती है। कंपनी के प्रमुख ब्रांड परफेक्ट प्लस की मात्रा के हिसाब से बिक्री पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8 प्रतिशत बढ़ी।