मनासा। हर साल सावन की शुक्ल पक्ष पंचमी के दिन नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि आज के दिन नाग देवता का दर्शन हो जाए तो पूजा सफल हो जाती है। नागपंचमी पर मंदिरों और घरों में भक्तों ने नागदेवता की विधिवत पूजा और आराधना की । ग्राम भाटखेड़ी में 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन श्री शेषावतार मंदिर में सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रही । सुहागिन महिलाओं ने नागदेवता की पूजा कर आर्शीवाद लिया । मंदिर में इसको लेकर विशेष पूजा अर्चना की गई । सुबह पांच बजे से ही मंदिरों में विधिवत पूजा आराधना कर मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए । वही गांव के लोगो ने भगवान शेषाअवतार की नगर में धूमधाम से भव्य शाही सवारी डीजे ढोल के साथ निकाली । जिसमें नगर की सैकड़ो महिलाओं बालिकाओं और युवाओं ने डीजे ढोल की धुन पर भक्तिमय में माहौल में नाचते झूमते आनंद लिया। वहीं मंदिर पहुंच सुहागिन महिलाओं ने सावन शुक्लपक्ष की पंचमी पर नागदेवता की विधिवत पूजा कर घर में सुख शांति का आर्शीवाद मांगा ।
आपको बता दें कि ग्राम भाटखेड़ी के महान शासक राजा दुर्जनसाल जी चंद्रावत श्री शेषाअवतार के परम भक्त थे।उन्होंने ने राज्य की सीमा पर आए नाग नागिन के जोड़े का भव्य स्वागत कर ग्राम भाटखेड़ी में उनके लिए एक भव्य मंदिर बनवाया था। जो कि करीब 500 साल से अधिक पुराना है। जिसे श्री शेषा अवतार मंदिर के नाम से जाना जाता है आज भी नाग नागिन का जोड़ा प्रत्यक्ष रूप से मंदिर में निवासत है और भक्तो को दर्शन दे रहे हैं। शुक्रवार को मंदिर पर नाग पंचमी के अवसर पर दर्शन करने लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और दर्शन लाभ लेकर प्रसादी ग्रहण की।