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August 17, 2024, 11:09 am
KHABAR : जो हर हाल में प्रसन्न रहता हो उसे ह्रदय में प्रभु वास करते हैं - संत श्री ब्रह्मा नंद जी रामायणी, पढ़े शब्बीर बोहरा की खबर 

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मनासा। वन गमन मे भगवान राम ने वाल्मीकि जी से कहा आप बताए मुझे कहा वास करना चाहिए तब महर्षि ने कहा आपके वास हेतु चौदह स्तान हैं, जिनका श्रवण सागर समान है जो हर हाल में प्रसन्न रहता हो 3 जो सदैव राम नाम जपता हो 4 जिनके चरण तीर्थाे में गये हो 5 जो आपकी भक्ति में सदैव लीन है 6 जिसमें कपट और दम्भ न हो 7 जोआपके हेतु सोता जागता हो  8 जो आपको प्राणों से भी ज्यादा मानता हो 9 जिसके लिए माता  पिता बन्धु सब आप हो 10 जो नीति निपुण हो 11जीसे आपके भक्त भी प्रिय हो 12 जो जाति पाती परिवार धर्म आदि से परे हो  13 जिसमें चाह मिट गई हो  ऎसे भक्तों के ह्रदय  में आप वास करें  और 14 चित्रकूट रमणीय है वहां कुटी बना कर रहे ये अनूठे विचार संत श्री ब्रह्मा नंद जी महाराज ने उषा गंज के श्री राम मंदिर मनासा में श्री राम के वन गमन पसग में व्यक्त किए पूर्व में केवट पसग में सब भाव विभोर हों गए  आपने कहा कि बड़े बड़े ऋषि मुनि भगवान के मर्म को नहीं जान पाये केवट जान गया  ईश्वर को ज्ञान से नहीं भक्ति व प्रेम जाना जा सकता है  संत श्री की अनूठी व्यख्या से सभी मन्त्र मुग्ध हो गये  प्रसाद वितरण के साथ कथा का विराम हुआ।

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