गरोठ। तहसील क्षेत्र के ग्राम देवरिया के किसान कमलेश पाटीदार ने उपज का भाव नहीं मिलने से नाराज होकर 10 बीघा खेत में खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया। खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल पर किसान द्वारा ट्रैक्टर चलाने की खबर लगते ही ग्रामीणों चर्चा का विषय बन गया।
किसान कमलेश पाटीदार ने बताया कि मैं ग्राम देवरिया तहसील गरोठ जिला मन्दसौर मध्यप्रदेश का निवास हूं। मैंने लगभग 10 बीघा जमीन जिस पर सोयाबीन की फसल लगाई थी जिसे आज रक्षाबंधन के दिन रोटावेटर से हंकाई करवा दी है। मैं कई वर्षों से सोयाबीन की खेती करते आ रहा हूं, लेकिन आज के हालातों में सोयाबीन की खेती करना मुझे घाटे का सौदा लग रहा है। मैंने पिछले वर्ष की 140 क्विंटल सोयबीन 16 अगस्त 2024 को 3800 रुपये क्विंटल में बेची, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। आज की परिस्थिति में सोयाबीन बोने से अच्छा है। खेत को खाली रख दिया, जाए ताकि खेत की उर्वरा शक्ति बची रहे में सभी किसान भाइयों से यही कहूंगा कि आने वाले समय मे अगर सोयाबीन 3000 से 3500 रुपये क्विंटल बिकता है तो सोयाबीन की खेती पूरी तरह से घाटे का सौदा होगा। आज तमाम तरह की दवाईयां खाद बीज की कीमतें आसमान छू रही है व किसानों की फसल आज भी वहीं 3000 से 4000 क्विंटल बनी हुई है। मैं किसान भाइयों से यहीं कहूंगा की सोयाबीन की फसल बोने से अच्छा है कि खेत खाली रख दें या ऐसी फसल बोये जिससे लागत निकालना आसान हो। सरकार और देश का पेट भरने के चक्कर में कब तक हम अपने परिवार व जमीन का बलिदान देंगे।