BREAKING NEWS
BIG REPORT : घी की गुणवत्ता जांच के लिए खाद्य सुरक्षा.. <<     सीतामऊ-मंदसौर रोड पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रहे गोपाल उपाध्याय (मध्यप्रदेश.. <<     NEWS : सेवा के संकल्प के साथ मनाया राजस्थान सरकार.. <<     हिमालेश्वर धाम में सात दिवसीय शिव महापुराण.. <<     KHABAR : गायत्री शक्तिपीठ नीमच द्वारा भारतीय.. <<     NEWS : अर्बन बैंकों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं.. <<     NEWS : इनर व्हील क्लब ने बालिकाओं के स्वास्थ्य और.. <<     NEWS : नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए.. <<     NEWS : चित्तौड़ किले की गुफा में विराजेंगे.. <<     KHABAR : उमराह के मुकद्दस सफर पर रवाना हुए जायरीन,.. <<     BIG NEWS : खेत पर गया किसान नहीं लौटा घर, कुएं में.. <<     KHABAR : सेगांव में धूमधाम से मनाया गया विश्व.. <<     BIG NEWS : मादक पदार्थ तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब,.. <<     KHABAR : बड़वानी में धूमधाम से मनाया विश्व आदिवासी.. <<     खरगोन में विश्व आदिवासी दिवस का उत्सव,.. <<     KHABAR : हिमालेश्वर धाम पर सात दिवसीय शिव.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 19, 2024, 12:19 pm
KHABAR : सावन का आखिरी सोमवार, मंदिरों पर उमड़े शिवभक्त, बम-बम भोले से गूंजे शिवालय, अचलनाथ का जलाभिषेक कर बांधा रक्षासूत्र, पढे़ खबर

Share On:-

ग्वालियर। सावन का आखिरी सोमवार होने पर सुबह से मंदिरों पर शिवभक्तों की भीड़ है। 90 साल में पहली बार पांच विशेष योग में सावन समाप्त हो रहा है। यही कारण है कि मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने काफी इंतजाम किए हैं। सुबह चार बजे से शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में बाबा के दर्शन करने औ पूजा करने वालों की लाइन लगी है। अचलेश्वर मंदिर पर दूर-दूर तक भक्तों की लाइन है। श्रद्धालु पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक कर अराधना कर रहे हैं। सावन का सोमवार होने के साथ-साथ रक्षाबंधन भी है। शिव भक्तों ने बाबा अचलनाथ को राखी भी बांधी है।


दूध-दही पंचामृत से होता है अभिषेक
भगवान शिव को सावन का सोमवार विशेष रूप से प्रिय है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सावन में भगवान शिव का गंगाजल व पंचामृत से अभिषेक करने से शांति मिलती है। बेलपत्र, भांग, धतूरे, आक के फूल से पूजन करने का प्रावधान है। इसके अलावा पांच तरह के जो अमृत बताए गए हैं उनमें दूध, दही, शहद, घी व शक्कर मिलाकर बनाए गए पंचामृत से भगवान की पूजा विशेष लाभदायी होती है। यही कारण है कि अचलेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर पर सुबह 4 बजे से ही पंचामृत लेकर भक्त लाइन में लगे है।


ग्वालियर के इन सभी शिवालयों पर रही भीड़
ग्वालियर में प्रसिद्ध शिवालयों की बात करें तो अचलेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, चकलेश्वर और भूतेश्वर शिव मंदिर हैं। इसके अलावा फूलबाग स्थित मार्कण्डेश्वर और सीपी कॉलोनी स्थित कलिकेश्वर नाग मंदिर पर भी विशेष आयोजन सावन माह के आखिरी सोमवार को हो रहे हैं। इसलिए यहं मंदिर प्रबंधन ने पुरुष और महिलाओं की लाइन अलग-अलग कर व्यवस्था बनाई है।


धूमेश्वर धाम पर लगा मेला
ग्वालियर के भितरवार ब्लॉक में सिंध और पार्वती नदी के संगम पर प्राचीन धूमेश्वर मंदिर है। यह कब बना और किसने बनवाया यह कोई नहीं बता पाता, लेकिन सावन के हर सोमवार को यहां मेला लगता है। सावन माह के आखिरी सोमवार को यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं और मंदिर के किनारे बसी नदी में स्नान कर शिवलिंग की पूजा अर्चना कर रहे हैं। यह मंदिर ग्वालियर शहर से करीब 75 किलोमीटर दूर है।


मंदिरों के आसपास कड़ी सुरक्षा
सोमवार को शिवालयों के आसपास कड़ी सुरक्षा रहती है। एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने मंदिरों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लगाने के निर्देश दिए थे मंदिरों के आसपास पुलिस के चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। जिससे महिलाओं के साथ कोई भी घटना न हो सके। मंदिरों पर भीड़ लगने पर ट्रैफिक को नियंत्रण करने के लिए अलग से पुलिस बल तैनात किया गया है।


शिवमय हुआ पूरा शहर
मंदिर पर दर्शन करने आई महिला श्रद्धालु मीरा का कहना है कि आज सावन का आखिरी सोमवार है इसलिए अचलेश्वर महादेव के दर्शन करने मंदिर आई हैं मंदिर की विशेषता है कि जहां जो भी वक्त मनोकामना मांगता है वह पूरी हो जाती है। वहीं श्रद्धालु एस के त्रिपाठी ने बताया कि अचलेश्वर बाबा की हम पर विशेष कृपा रहती है, आज सावन का आखिरी सोमवार है इसलिए मैं दर्शन करने परिवार सहित मंदिर पर आए हैं।


पुजारी का कहना
अचलेश्वर मंदिर के प्रधान पुजारी छोटेलाल शुक्ला ने बताया कि आज सावन का पांचवा और आखिरी सोमवार है, आज जो भी भक्त अखिलेश्वर महादेव की दूध दही की और पंचामृत से पूजा अर्चना करेगा उसकी मनोकामना पूरी हो जाएगी।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE