नीमच । नीमच के इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा और बताया है कि वतमान में सड़क निर्माण व अन्य सिविल कार्यों में विदयुतीकृत कार्यों की निविदा सम्मिलित कर की जा रही है जबकि इससे पूर्व वर्षों में विदयुतीकृत कार्यों की निविदा सिविल कार्यों से अलग से आमंत्रित की जाती थी, व विदयुतीकृत कार्यों हेतु विदयुत ठेकेदारों द्वारा ही कार्य किया जाता था। चूँकि वर्तमान में विदयुतीकृत का कार्य सिविल कार्यों के साथ सिविल ठेकेदारों को दिया जा रहा है। जिसे फिर सिविल ठेकेदार द्वारा पेटी ठेकेदार के रूप में विदयुत कार्य करवाया जाता है। लाइन निर्माण का कार्य अकुशल मजदूरों जो की लाइन पर कार्य करने हेतु अधिकृत भी नहीं है जिससे कार्य की गुणवत्ता भी नहीं रहती एवं जिससे कभी भी कोई विदयुत दुर्घटना का भी डर रहता है। व विद्युत इंजीनियर व लाइसेंस धारक विदयुत ठेकेदारो का शोषण किया जा रहा है वर्तमान में विदयुत इंजीनियर का स्वयं का रोजगार समाप्त हो गया व वह अपना स्वेच्छा से कोई भी विदयुतीकृत कार्य नहीं कर सकता है। उसे सिविल ठेकेदार के अधिनश्त पेटी पर कार्य करना पड रहा है। व कही कही तो सिविल ठेकेदार द्वारा विदयुत ठेकेदार को समय पर भुगतान भी नहीं किया जाता व विदयुत ठेकेदार का आर्थिक व मानसिक रूप से शोषण किया जा रहा है। जबकी म.प्र. के कई संभागो में तो आज भी सिविल व विद्युतीकरण कार्यों हेतु अलग से निविदाये आमंत्रित की जा रही है। व विद्युत ठेकेदार सम्मिलित निविदा में तो सिविल ठेकेदार तो मजदूर बनकर रह गया है। वही प्रभारी मंत्री जी से म.प्र. के सभी सिविल विभागों (PWD.PIU, PHE) में अलग से विदयुत कार्यों की निविदा आमंत्रित करने हेतु आदेशित करने का कष्ट करने का निवेदन किया है।ज्ञापन देने में मौजूद वक्त- इलेक्ट्रिकल ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष विपिन नागदा, कोषाध्यक्ष दिनेश नागदा, सचिव विपिन कटारिया, सहसचिव शुभम बैरागी एस. के.पंडित व सदस्य गण - गुड्डू दरबार, नरेश अहीर, अनिल जैन, चोपड़ा जी उपलब्ध रहे।