नई दिल्ली। राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 घंटे 20 मिनट की स्पीच दी। वित्त मंत्री ने कहा- कांग्रेस पार्टी परिवार और वंशवाद की मदद करने के लिए बेशर्मी से संविधान में संशोधन करती रही। ये संशोधन लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नहीं बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की रक्षा के लिए थे। इस प्रक्रिया का इस्तेमाल परिवार को मजबूत करने के लिए किया गया।
वित्त मंत्री के जवाब में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- जो लोग झंडे से नफरत करते हैं, जो लोग हमारे अशोक चक्र से नफरत करते हैं, जो लोग संविधान से नफरत करते हैं। ये आज हमें पाठ पढ़ा रहे हैं। जब ये संविधान बना, इन लोगों ने रामलीला मैदान में बाबा साहेब अंबेडकर का पुतला लगाकर संविधान को जलाया है। ये लोग अब नेहरू जी, इंदिरा जी और पूरे परिवार को गाली देते हैं।
खड़गे और राहुल गांधी ने संसद के दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर संविधान पर चर्चा कराने की मांग की थी। लोकसभा में 13 और 14 दिसंबर को संविधान पर विशेष चर्चा हो चुकी है। पीसी मोदी ने शनिवार को चर्चा के दौरान लोकसभा में संविधान पर विशेष चर्चा में भाग लिया था।
सीतारमण के भाषण की 4 बड़ी बातें...
1. ऐसे नेताओं को जानती हूं जिन्होंने बच्चों का नाम मीसा रखा। अब वे कांग्रेस के साथ गठबंधन करने में भी कोई आपत्ति नहीं करेंगे।
2. कांग्रेस जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहती है। धनखड़ ने कहा, ष्क्या होगा अगर कोई गब्बर सिंह आकर कहे कि मुझे बदनाम किया गया है।
3. कांग्रेस ने दशकों तक पुराने संसद भवन के मध्य में बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर नहीं लगने दी, उन्हें भारत रत्न से वंचित रखा गया।
4. मजरूह सुल्तानपुरी और बलराज साहनी दोनों को 1949 में जेल भेजा गया था। क्योंकि इन लोगों ने नेहरू के खिलाफ कविता सुनाई थी।