मेष राशि-
मेष राशि के जातकों के लिए वाणी और व्यापार के कारक बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं और आपकी राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव बेहतरीन सफलता दिलाएगा। यात्रा देशाटन का लाभ तो मिलेगा ही विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल रहेगा। धर्म और आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। धार्मिक प्रतिष्ठानों तथा अनाथालय आदि में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान पुण्य करेंगे।
वृषभ राशि-
वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी होकर अब आपकी राशि से आठवें भाव में गोचर करेंगे। राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव कई तरह से उतार- चढ़ाव ला सकता है विशेष करके स्वास्थ्य संबंधी चिंता परेशान कर सकती है। दवाओं के रिएक्शन तथा चर्मरोग से सावधान रहें। कार्य क्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें बेहतर रहेगा कार्य संपन्न करें और सीधे घर आएं। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद हल होंगे। आकस्मिक धन प्राप्ति का योग बनेगा।
मिथुन राशि-
बुधदेव मिथुन लग्न की कुंडली के जातकों के लिए पहले और चौथे भाव के स्वामी होकर साल 2025 के शुरुआती महीने में आपके सातवें भाव में गोचर हुए हैं। कुंडली का सातवां भाव दांपत्य जीवन और साझेदारी का होता है। ऐसे में बुध देव आपके कार्यक्षेत्र का विस्तार तो करेगा ही शादी-विवाह से संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह गोचर अनुकूल रहेगा। इस अवधि के मध्य अधिक कर्ज के लेन-देन से तथा साझा व्यापार करने से परहेज करें।
कर्क राशि-
कर्क राशि के जातकों के लिए वाणी के कारक ग्रह बुध आपकी कुंडली के तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी होकर यह आपके राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए अप्रत्याशित परिणाम दिलाएंगे किंतु स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। गुप्त शत्रु भी बढ़ेंगे। कोर्ट-कचहरी के मामले बाहर ही सुलझा लेना समझदारी रहेगी। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा। धार्मिक यात्राएं भी करेंगे। इस अवधि के मध्य वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं।
सिंह राशि-
सिंह राशि के जातकों के लिए राजकुमार ग्रह दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और अब 4 जनवरी 2025 से आपके पांचवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कुंडली का पंचम भाव संतान और विद्या का होता है। ऐसे में पंचम विद्या भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से काम नहीं है। किसी भी तरह की प्रतियोगिता में शामिल होना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से इनका प्रभाव और अनुकूल रहेगा। प्रेम संबंधी मामलों में प्रगाढ़ता आएगी। प्रेम-विवाह का निर्णय भी लेना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेगी।
कन्या राशि-
कन्या राशि के जातकों की कुंडली में बुध महाराज पहले और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं,ऐसे में यह आपके जीवन में सुख-सुविधाओं में वृद्धि और ऐशोआराम में बढ़ोतरी करवाएंगे साथ ही जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। मकान अथवा वाहन का भी क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेंगी। मित्रों तथा संबंधियों से सुखद समाचार प्राप्ति के योग बन रहे हैं। सोची समझी रणनीतियां कारगर सिद्ध होंगी। योजनाएं गोपनीय रखें।
तुला राशि-
तुला राशि के जातकों के लिए राजकुमार बुध 9वें और 12वें भाव के स्वामी हैं और अब 4 जनवरी 2025 को आपके पराक्रम भाव यानी तीसरे में गोचर करने जा रहे हैं। पराक्रम भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव सामान्य फल कारक ही रहेगा। धर्म और आध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। अपने साहस और पराक्रम के बलपर विषम परिस्थितियों को भी नियंत्रित करने में कामयाब रहेंगे। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा।
वृश्चिक राशि-
वृश्चिक राशि आठवीं राशि होती है और बुधदेव आपके आठवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी ग्रह हैं। अब 4 जनवरी 2025 को बुध आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। आपकी राशि से द्वितीय धनभाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव सुखद ही रहेगा। यद्यपि स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है किंतु इसके प्रति चिंतनशील रहें। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। जो भी निर्णय लेंगे उसी में सफल रहेंगे। मकान अथवा वाहन का भी क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी समय बेहतर रहेगा।
धनु राशि-
धनु राशि के जातकों की कुंडली में बुध महाराज सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। यह अब आपके लग्न यानी पहले भाव में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में आपके लग्न भाव में गोचर करते हुए बुध निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कोई भी कार्य आरंभ करना हो अथवा किसी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उस दृष्टि से भी समय बेहतरीन रहेगा। वैवाहिक वार्ता सफल रहेगी। प्रेम-संबंधी मामलों में प्रगाढ़ता आएगी। ससुराल पक्ष से भी सहयोग मिलेगा।
मकर राशि-
मकर राशि के जातकों के लिए बुधदेव आपके छठे भाव और नौवें भाव के स्वामी हैं और अब आपके व्यय भाव यानी बारहवें भाव में गोचर करते हुए अत्यधिक भागदौड़ और अपव्यय का सामना करवायेगा जिसके परिणामस्वरुप आप आर्थिक तंगी का सामना भी कर सकते हैं। यात्रा देशाटन का लाभ तो मिलेगा ही किसी दूसरे देश में पढ़ाई करने के लिए जाने का प्रयास कर रहे हो तो उस दृष्टि से भी ग्रह-गोचर अनुकूल रहेगा।
कुंभ राशि-
कुंभ राशि वालों के लिए उनकी कुंडली में बुधदेव पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं। अब राशि परिवर्तन करते हुए आपके ग्यारहवें भाव यानी लाभ में गोचर हुए हैं। ऐसे में आपके लिए यह समय बहुत ही बेहतरीन सफलता दिलाने वाला साबित होगा। किसी भी तरह का नया व्यापार करना हो अथवा नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उसे दृष्टि से भी ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेगी। प्रेम विवाह का योग है कर भी सकते हैं। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए भी समय बेहतरीन रहेगा।
मीन राशि-
मीन राशि वालों के बुधदेव चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं और यह नए साल के पहले महीने में दसवें भाव में गोचर कर रहे हैं। राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव अच्छा ही रहेगा। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। नए व्यापार का भी आरंभ कर सकते हैं। जमीन-जायदाद संबंधी मामले हल होंगे। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। मकान अथवा वाहन का क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह गोचर अनुकूल रहेगा। योजनाएं रखते हुए आगे बढ़ेंगे।