चित्तौड़गढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के चित्तौड़गढ़ सेवा केंद्र पर ब्रह्माकुमारी विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी गुलजार की चतुर्थ पुण्यतिथि दिव्यता दिवस के रूप में मनाई गई। साथ ही दादी चंद्रमणि का भी पुण्य स्मृति दिवस मनाया गया।
चित्तौड़गढ़ प्रताप नगर सेवा केंद्र पर आशा दीदी ने बताया कि दादी गुलजार का जन्म 1 जुलाई 1926 को हुआ था और उनका लौकिक नाम शोभा था और मात्र 8 वर्ष की उम्र में ही वह इस संस्था के संपर्क में आई और जैसा कि उनका नाम शोभा था वैसा ही उन्होंने इस संस्था की शोभा सदा बढ़ाई । सेवा केंद्र संचालिका राज योगिनी आशा दीदी ने बताया कि दादी जी को बचपन से ही परमात्मा भोलेनाथ शिव बाबा की तरफ से दिव्य दृष्टि का वरदान प्राप्त था और उन्होंने इस संस्था से जुड़ते ही कई प्रकार के साक्षात्कार किए। नई स्वर्णिम दुनिया उन्होंने साक्षात्कार में देखी और सभी ब्रह्माकुमार भाई बहनों को भी उसका अनुभव करवाया। दादी गुलजार दिव्य गुणों की खान थी वह एक महान विभूति थी कम बोलकर बहुत ज्यादा कर्म करने वाली महान आत्मा थी । लगभग 50 वर्ष तक परमपिता परमात्मा शिव का और प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का साकार माध्यम बन सभी ब्रह्मा वत्सो को कई नई-नई शिक्षाएं अपने इस शरीर के द्वारा प्राप्त कराई परमपिता परमात्मा शिव बाबा के द्वारा उनकी नैनो को दिव्य वरदान था कि उनके नयन बहुत सेवा करेंगे और उन्होंने इस वरदान को अपने जीवन में सार्थक भी करके दिखाया। दादी जी हमेशा सबको कहती थी कि जब भी हमें समय मिले हमें अवश्य परमपिता परमात्मा का ध्यान करना चाहिए। क्योंकि परमात्मा के ध्यान से ही हमारे जीवन में सच्ची सुख शांति का अनुभव किया जा सकता है। दादी जी नम्रता मधुरता सहनशीलता गंभीरता दिव्यता पवित्रता आदि सर्व गुणों की खान रही। उन्होंने हमेशा कहा कि 1 दिन हमारा यह चेहरा ही सेवा करेगा हमें मुख से ना बोल कर अपने कर्म द्वारा ही गुणों का दान करना चाहिए। डॉ सविता सोनी एसोसिएट प्रोफेसर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज चित्तौड़गढ़ डीसीडी कंपनी अध्यक्ष डिंपल दाधीच समाज कल्याण अधिकारी ओम प्रकाश तोषनीवाल आदि मौजूद रहे। भोग लगाया गया तथा सभी को प्रसाद वितरित किया गया।