चित्तौड़गढ़। ब्रह्माकुमारीज प्रताप नगर सेवा केंद्र पर राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि होली अर्थात जो बात बीत गई उसको बिल्कुल खत्म कर देना बीती बातों का चिंतन नहीं करना। उन्होंने बताया कि होली का लाल रंग शक्ति का नारंगी रंग पवित्रता का पीला रंग सुख का आसमानी रंग शांति का नीला रंग ज्ञान का जामुनी रंग आनंद का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि पुरानी बातें भूल कर आज हम प्यार और सम्मान का रंग एक दूजे को लगे होली सिर्फ आज नहीं होली हर रोज मने खुद को और दूसरों को होली पवित्र बनाएं। उन्होंने बताया आप सदा ज्ञान के रंग से रूहानी रंग से भरपूर रहे और सदा परमात्मा के संग के रंग में रंग जाए ताकि आपका जीवन अनेक प्रकार की खुशियों से भरपूर रहे।
उन्होंने बताया ईश्वरीय रंग सदा लगा के रखे ताकि इस रंग से हम अपने जीवन को खुशियों से भरपूर रख सकते हैं अनेक प्रकार के दुख चिंताएं नष्ट होती है। एक ईश्वर का रंग प्रेम का रंग हमें आने वाली कई समस्याओं से दूर रखता है के पश्चात सभी को आत्मा स्मृति का तिलक लगाया और सब काम हो मीठा कराया गया।