चित्तौड़गढ़। राजस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए कम्यूनिटी रिर्साेस पर्सन (सीआरपी) बनाई गई महिलाओं को सरकार द्वारा नई पॉलिसी निकाल कर विलेज स्पोर्ट टीम (वीएसटी) बनाये जाने का विरोध करते हुए राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद संविदा कर्मचारी यूनियन सीटू के तत्वावधान में बुधवार 19 मार्च को महिलाओं द्वारा कलेक्ट्री चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री एवं परियोजना निदेशक व जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर अभावों में अपने परिवार का गुजर बसर करने वाली महिलाओं को सीआरपी बना कर राहत दिये जाने की मांग की।
अध्यक्ष जमना, उपाध्यक्ष कैलाश कंवर ने बताया कि वर्ष 2011 में सरकार द्वारा सीआरपी वैकेन्सी निकाल कर महंगाई के त्रस्त बेरोजगारी से जूझ रही महिलाओं को भर्ती किया गया था जिनके द्वारा भारी मेहनत करते हुए कठिन परिस्थितियों में पैदल चल कर समूहों का गठन किया था जिसके परिणाम स्वरूप सरकार के उद्देश्य की पूर्ति हुई लेकिन सरकार अपनी उद्देश्य पूर्ति होते ही समस्त सीआरपी कार्मिक महिलाओं को नई पॉलिसी निकाल कर एक विलेज स्पोर्ट टीम वीएसटी के तहत मर्ज कर दिया गया जिससे हजारों महिलाओं के रोजगार पर गाज गिरी और मात्र 700 रुपये प्रतिदिन पर काम करने वाली महिलाओं का मानदेय और कम हो गया और श्रम और समय बढ़ गया। समस्त महिलाओं द्वारा वीएसटी बनाये जाने का कड़ा विरोध करते हुए पुनः सीआरपी के रूप में स्थाई किये जाने की मांग की।
इस दौरान अध्यक्ष जमना, उपाध्यक्ष कैलाश कंवर, ममता, पूजा कीर, माया, संतोष, सुशीला, काजोल, पुष्पा, केसर, मंजु भाट, देऊ भाट, पूजा भाट, पारस भाट सहित कईं महिला कार्यकर्ता उपस्थित थे।