रामपुरा। नाबालिका के साथ हुई दुष्कर्म घटना को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आज प्रजापति समाज द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री जिला कलेक्टर जिला पुलिस अधीक्षक अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मनासा के नाम तहसील कार्यालय रामपुरा में ज्ञापन देकर मांग की गई की प्रजापति समाज के युवक को दिनांक 19 मार्च के दिन घर से रामपुरा पुलिस द्वारा मधुसूदन पिता लक्ष्मी नारायण प्रजापति को उठाकर ले गए मारपीट की तथा 20 मार्च को उसके ऊपर भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध क्रमण 67/25 धारा 62(2) एवं 65(1) 115 (2) तथा 351(2) भारतीय न्याय संहिता तथा 5 एवं 6 पास्को एक्ट गिरफ्तारी की सूचना लिखित में उसकी पत्नी अनीता को दी गई उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और बिना किसी प्रमाणिक तथ्य के झूठा अपराध दर्ज कर 20 मार्च को न्यायालय में पेश कर जेल भिजवाया तथा निष्पक्ष जांच की बिना ही अपराध दर्ज किया इसके साथ ही मांग की गई की आरोपी बनाए गए मधुसूदन व उक्त बालिका से स्वतंत्र पूछताछ की जाए एवं डीएनए टेस्ट का भी खुलासा किया जाए प्रजापत समाज की पूरी सद्भावना उक्त मासूम बालिका के साथ है और बालिका को न्याय भी मिले यही समाज भी चाहता है और उसके साथ किसी प्रकार का अन्याय ना हो प्रजापति समाज के द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया की संपूर्ण मामले में न्यायालय कार्य विधि के ज्ञाता कोर्ट के लिपिक विजय परमार जो कि रिश्ते में लड़की के मामा बताते हैं उसके द्वारा मुख्य आरोपियों से भारी लेनदेन कर सीधे-साधे मजदूर मधुसूदन प्रजापति को मनगढ़ंत कहानी बनाकर झूठे आरोप में फंसा दिया और वास्तविक आरोपियों को बचाव कर लिया पुलिस से भी विजय परमार ने ही सांठ गांठ की और लड़की के परिवार वालों को भी धोखा दिया और विजय परमार ने आरोपियों को बचा लिया विजय परमार से भी इस संबंध में पूछताछ करना चाहिए गर्भ भी विजय परमार के द्वारा ही अस्पताल में करवाया गया तथा निवेदन है कि इस पूरी घटना में मुख्य आरोपी का बचाव करने वाले कोर्ट के लिपिक विजय परमार से कड़ी पूछताछ की जाना चाहिए ताकि सत्यता सामने आ सके और निर्दोष मधुसूदन को न्याय मिल सके समाज की यही मांग है कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाए और दोनों पक्षों को उचित न्याय मिले और जो वास्तविकता में दोषी है उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए ताकि ऐसी घटना भविष्य में ना हो पाए। ज्ञापन का वाचन समाज के जिला पूर्व अध्यक्ष दशरथ प्रजापत ने किया।