झुण्डपुरा। कस्बे के बस स्टैंड के नजदीक यजमान डा राधेश्याम बंसल और उनकी धर्मपत्नी भागवती देवी उनके पुत्र सतेन्द्र बंसल जीतेंद्र बंसल और उनके बंसल परिवार द्वारा भागवत कथा का आयोजन कराया जा रहा है। कथा के मुख्य प्रवक्ता परम परम पूज्य पंडित आचार्य संतोष सारस्वत श्रीधाम वृंदावन के मुखारविंद से कथा का श्रवण श्रोताओं को कराया जा रहा है जिसमें नरसिंह अवतार की कथा का वर्णन किया गया शनिवार को भगवान श्री कृष्णा जन्म की कथा का वर्णन भी आचार्य जी द्वारा कराया गया जिसका श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया।
वामन अवतार और नरसिंह अवतार की कथा का वर्णन करते कथावाचक आचार्य संतोष सारस्वत जी ने यह कथा श्रोताओं को सुने आचार्य जी ने कहा कि व्यक्ति मोह माया और आडंबर में लिप्त होता जा रहा है वह धन कमाने के लालच में रिश्ते नातो को पीछे छोड़ गया है।
वही कथा के चौथे दिन कथा व्यास ने देवकी के आठ संतानों की उत्पत्ति सहित श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाई भगवान श्री कृष्ण की जन्म की कथा का वर्णन किया गया। यदुवंश के बड़े पुत्र वासुदेव थे जिनका विवाह देवकी से हुआ। विवाह के बाद कंस ने आकाशवाणी को सुनकर दोनों को जेल में डाल दिया कथावाचक आचार्य संतोष सारस्वत महाराज ने कहा कि भादो मास की अंधियारी रात को अष्टमी के दिन कंस के मथुरा जेल में अचानक अलौकिक प्रकाश फैलने लगा और माता देवकी के गर्भ से श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ। वहां के समस्त बंदी मूर्छित हो गए जेल के दरवाजे खुल गए आकाशवाणी हुई। जिसे सुनकर वासुदेव नन्हे बालक रूप में लेकर यमुना पार गोकुल नंद के घर पहुंच कर वहां से नवजात कन्या को लेकर वापस आए सुबह होते ही गोकुल में नंद बाबा के घर बालक जन्म होने की बात पता चलते ही जन्मोत्सव मनाया जाने भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनकर झुण्डपुरा मैं कथा स्थल पर मौजूद श्रोतागण खुशी से झूम उठे। इसके साथ-साथ आचार्य जी ने श्री नरसिंह अवतार की कथा साथ ही साथ भगवान के 24 अवतारों का वर्णन भी कथा में किया गया।
इस अवसर पर कथा के मुख्य यजमान राधेश्याम बंसल अशोक बंसल दिलीप बंसल, बसंत बंसल त्रिलोक चौधरी आचार्य जी का स्वागत किया।