नीमच। जिले के रामपुरा में हुई 14 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना के विरोध में आज समूचा नगर बंद रहा। सर्व समाज ने घटना की घोर निंदा करते हुए विरोध स्वरूप अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और घटना के दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की। इस मांग को लेकर तहसीलदार रामपुरा को सर्व समाज के लोगों ने एक ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही इस समूचे घटनाक्रम की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग भी उठाई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो सके।
मातृ शक्तियों ने हाथों में उठाई तख्तियां-
रामपुरा के नागरिकों ने विगत दिनों हुई नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना का विरोध किया है। आज सोमवार को सर्वसमाज के बंद को प्रत्येक व्यक्ति ने समर्थन दिया। नगर के लालबाग में एकत्रित होकर मातृ शक्तियों ने अपने हाथों में तख्तियां उठाई और नाबालिग बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म की घटना पर जमकर रोष व्यक्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरूष व बच्चे मौजूद रहे।
रैली के रूप में पहुंचे बस स्टैंड, सौंपा ज्ञापन-
रामपुरा में हुई 14 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना के विरोध में आज समूचा नगर बंद रहा। नगर के लालबाग में एकत्रित सर्वसमाज बंधुओं ने विरोध स्वरूप रैली निकाली। लालबाग से रवाना हुई यह आक्रोश रैली सूरज घाट, छोटा बाजार, गणपति चौक चौराहा, सिविल अस्पताल होते हुए नया बस स्टैंड पहुंची। जहां रामपुरा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
निष्पक्ष जांच की उठाई मांग-
सर्वसमाज के बंधुओं ने रामपुरा की बेटी के साथ हुई इस शर्मनाक घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। साथ ही नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने इस घटना की निंदा करते हुए समूचे घटनाक्रम की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी दोहराई है। इसके अलावा दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करते हुए फांसी की सजा सुनाने और आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग ने भी जोर पकड़ा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा ना हो सके।
राजनीतिक संगठनों ने भी दिया समर्थन-
रामपुरा में हुए जघन्य कांड के विरोध में आज समूचा नगर बंद रहा। सर्वसमाज के इस बंद को राजनीतिक, सामाजिक व अन्य संगठनों का भी समर्थन मिला। भाजपा व कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने भी शासन से नाबालिग बालिका को इंसाफ दिलाने और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
दोषी अभी भी बाहर घूम रहे हैं-
सर्वसमाज के बंद के दौरान अनिता प्रजापति भी पहुंची। उसने बताया कि पुलिस प्रशासन ने मेरे पति मधुसूदन पिता लक्ष्मी नारायण प्रजापति को गिरफ्तार किया है। जबकि उन्होंने बालिका के साथ दुष्कर्म नहीं किया है। पुलिस ने दोषियों को बचाने के लिए मेरे पति को निशाना बनाया है। 20 मार्च को उनके विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जेल भिजवा दिया है। जबकि दोषी अभी भी बाहर घूम रहे हैं।