चित्तौड़गढ़। मध्य प्रदेश के मल्हारगढ़ तहसील में प्रसिद्ध आंतरी माता जी मंदिर के पास छोटी आंतरी मंदसौर जिला मुख्यालय से 34 कि मी दूरी पर स्थित है। जहां शिवजी के मंदिर में अन्नू नाथ जी महाराज की जीवित समाधि है। यह स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है , जहाँ 25 मार्च मंगलवार को पाप मोचीनी ( मोक्ष दायिनी) एकादशी को प्रातः 7 बजे से शिव जी का रुद्र अभिषेक वैदिक मंत्रोपचार के साथ होगा। अभिषेक के बाद समाधि स्थल पर विशेष गुलाब के फूलों और माला से समाधि का आकर्षक श्रंगार होगा और दिन में आतरी माता जी के भक्तों द्वारा सुन्दर कांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। आतरी माता जी से आने वाले भक्तों के लिए राठौड़ बस संचालक द्वारा फ्री स्टीमर बोट की व्यवस्था आतरी माता जी मंदिर के पास से रहेगी।
जन श्रुति के अनुसार योगीराज श्री अन्नू नाथ जी महाराज ने इसी पवित्र दिन पाप मोचीनी ग्यारस को इसी पवित्र पुण्य धरा पर हजारों वर्ष पूर्व हजारों भक्तों की गरिमामय उपस्थिति में भगवान शिव के इस पवित्र आंगन में शंख घड़ियाल ढोल गाजे बाजे के साथ जीवित समाधि ली थी। कहा जाता है कि देव लोक से महाराज श्री को लेने देव और दिव्य शक्तियों आई थी।
बताते है कि जब महाराज श्री अन्नू नाथ जी ने अभिजित समय दिन में जीवित समाधि ली तब भगवान शिव के रूप में इस स्थान पर भक्तों को दिव्य दर्शन दिए थे। जब समाधि ली उस समय अचानक जमीन फटती गई और महाराज श्री आगे आगे चलते गए हजारों लोगों ने वो अदभुत नजारा उस समय देखा था। रेतम नदी के तट पर जब भक्तों ने महाराज श्री से आग्रह किया आप जा रहे हो अब हमारा क्या होगा तब महाराज श्री ने भक्तों को वचन दिया था में 24 घंटे समाधि स्थल पर विद्यमान रहूंगा जो जैसी सच्ची नियत भक्ति भाव से मेरे समाधि स्थल पर आकर दर्शन करेगा उनके कष्ट दूर करूँगा। जो पाप मोचीनी ग्यारस को समाधि पर आकर माथा टेकर सच्ची लगन भक्ति भाव से पूजा अर्चना करेगा और गेहूं ओर चने की घुघरी प्रसाद ग्रहण करेगा वो अकाल मृत्यु नहीं मरेगा और वर्ष भर इस महान चमत्कारी घुघरी प्रसादी को पूरे वर्ष भर सहेज कर रखना जब कभी महामारी आए तब घुघरी प्रसाद खाना। पशु महामारी आए तो नाथ जी समाधि के आसपास चारे को काटकर पशुओं को खिलाना महामारी खत्म हो जाएगी धुनें की भभूति को खाते रहना आपके छेत्र में 12 गांव की सर जमी पर कभी प्राकृतिक आपदा ओले से कभी भारी नुकसान नहीं होगा।
मान्यता है कि आज भी नाथ जी की विशेष कृपा से इन 12 गांव में ओले आंधी तूफान से रक्षा होती है। ऐसे अनगिनत चमत्कार भक्तों को वर्ष भर होते रहते है। वर्तमान में समाधि स्थल की सेवा पूजा चेतन नाथ जी महाराज करते है।