नीमच। जिले के जावद नगर में रंगतेरस के पावन अवसर पर कुंवारों के देवता बिल्लम बावजी की शोभायात्रा निकाली गई। धानमंडी व्यापारी संघ की ओर से आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मान्यताओं के अनुसार बिल्लम बावजी विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए विशेष आस्था के केंद्र हैं। पिछले सप्ताह में अनेक अविवाहित युवाओं ने मंदिर में दर्शन किए। विशेष रूप से रंग पंचमी के अवसर पर गणेश मंदिर के पास स्थित बिल्लम बावजी के मंदिर में श्रद्धालु अपनी विवाह संबंधी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं।
शोभायात्रा में कई ऐसे विवाहित जोड़े भी शामिल हुए, जिनकी मनोकामनाएं पूरी हुई हैं। जावद की 40 वर्ष पुरानी परंपरा के अनुसार, होलिका दहन के 5 दिन बाद रंगपंचमी पर बिल्लम बावजी की विधिवत स्थापना की गई। भक्तों ने नारियल, मीठा पान और अगरबत्ती से पूजा-अर्चना की।
दोपहर में आरती के बाद ढोल-ढमाकों की थाप पर शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें वरिष्ठजन, युवा और व्यापारी शामिल हुए। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंची, जहां निकटवर्ती गणपति मंदिर में बिल्लम बावजी को विराजमान किया गया।