खरगोन। चैत्र नवरात्र में इशर राजा और रणुबाई की आराधना के उल्लास का पर्व गुरुवार को चरम पर पहुंच गया। शाम के समय शहर का कुंदा तट श्रद्धालूओं से पटा रहा। रोशनी से नहाए घाटों पर जवारे रुपी माता को विदाई देने का दौर शुरु हुआ। श्रद्धालूओं ने माता को गले लगाकर नम आंखों से बहते पानी में विसर्जित किया।
जिन परिवारों ने रथ बौड़ाए उन घरों में माता रुपी जवारो को बेटी की तरह पूजा गया, शाम को चल समारोह भी निकले। बाजे- गाजे के साथ गणगौर घाट पहुंचे श्रद्धालूओं ने माता के सामने नतमस्तक होने के बाद उन्हें विदाई दी, तो कई स्थानों पर शुक्रवार को भी विसर्जन चल समारोह निकाले जाएंगे। विदाई के समय श्रद्धालुओं द्वारा वे सभी रस्में अदा की गईं जो बेटी की विदाई के समय होती हैं। गणगौर पर्व पर उत्साह भरे माहौल के बीच गणगौर माता को भक्तों ने भावभीनी विदाई देते हुए सबके मंगल की कामना की। पिछले 10 दिनों से अंचल में गणगौर पर्व की धूम मची हुई है।