चितौड़गढ़। इन्डियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एण्ड कल्चर हेरिटेज इन्टैक के सदस्यों ने विश्व जल संरक्षण दिवस से ही दुर्ग के नीलबाव कुण्ड में सघन फैली जल कुंभी को हटाने का अभियान प्रारम्भ किया जो अब लगभग पूर्ण हो चुका है। कन्वीनर डॉ. सुशीला लढ़ा ने बताया कि दुर्ग के मीठे पानी के स्त्रोत को विकसित करने एवं संरक्षण को लेकर बडी संख्या में इन्टैक सदस्यों डॉ. कुन्दन जैन, डॉ. गोपाल सालवी, विजय अजमेरा, मनीष महन्त, पूर्व कन्वीनर वन्दना वजीरानी, अमित अग्रवाल, अंकित माहेश्वरी, गौरव बोकडिया, राकेश जेथलिया, शान्तिलाल भराडिया, भरत माहेश्वरी, राकेश मंत्री, दिनेश भराडिया, बनवारी लाल सोनी ने श्रमदान करके जल कुंभी को हटाया।
को-कन्वीनर मनीष मालीवाल ने बताया कि यह अभियान 8 दिन तक चला, प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 9 बजे तक सदस्यों ने नीलबाव कुण्ड से जलकुंभी को बाहर निकाला। डॉ. गोपाल सालवी ने बताया कि नील बाव कुण्ड दुर्ग का प्राचीन कुण्ड है इसका टीडीएस 181 आया जो उत्तम जल श्रेणी में आता है।
भीलवाडा इन्टैक चेप्टर के कन्वीनर बाबूलाल जाजू के साथ इन्टैंक कन्वीनर, डॉ सुशीला लढ़ा, को कन्वीनर मनीष मालीवाल सहित सदस्यों ने जल कुंभी का स्वच्छ नील बाव कुण्ड उन्हें दिखाया। जाजू ने इन्टैक चितौड़गढ़ चेप्टर के इस कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि जल है तो कल है, जल संरक्षण और संवर्धन का यह कार्य अनुकरणीय है।