नीमच। भारतीय सनातन धर्म संस्कृति में नारी को शक्ति के रूप में पूजे जाने की परम्परा आदिकाल से चली आ रही है। प्राचीन काल में भी देवता व संत महात्मा अपने हर कार्य का प्रारंभ मां आदिशक्ति जगदम्बा की पूजा से ही करते थे। परंपरा अनुसार नवरात्र में महानवमी पर्व पर छोटी छोटी बालिकाओं को मां का स्वरूप मानकर उनको प्रेम से भोजन कराया जाता है। इसी कड़ी में नीमच में भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा ने प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी नीमच के प्राइवेट बस स्टैंड स्थित दीनदयाल रसोई पर 101 बच्चियों को प्रेम से भोजन कराकर उपहार वितरित किए। शक्ति की आराधना से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।बच्चियों को भोजन पश्चात जब उपहार मिले तो उनके चेहरे पर आई मुस्कान अलग ही आभा बिखेर रही थी।
उल्लेखनीय है कि दीनदयाल रसोई का संचालन वर्षों से परिषद द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर अध्यक्ष मनीष कालानी, सचिव गौरव गट्टानी, कोषाध्यक्ष अभय नलवाया,छाया जायसवाल, मीना मानावत, अलका विजयवर्गीय,प्रांजलि अरौंदकर समेत बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।