शाजापुर। जीवन और मृत्यु के संधिकाल में जब समय की गति थम-सी जाती है, तब कुछ हाथ ईश्वर की भूमिका निभा जाते हैं। ऐसी ही एक मिसाल बनी 108 एम्बुलेंस सेवा, जब एक पीड़ित प्रसूता को दौरे (म्बसंउचेपं) की गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय शाजापुर से एमटीएच इंदौर रैफर किया गया।
लडावद गांव की रुकसाना पति इकबाल को जैसे ही रैफर किया गया, 108 सेवा के सजग योद्धा इमरजेंसी एक्सपर्ट ईएमटी जितेन्द्र देवतवाल और उनके सहयोगी पायलट सत्यनारायण पंचोली ने तत्परता से कमान संभाली और प्रसूता को लेकर इंदौर की ओर रवाना हो गए।
किन्तु नियति को कुछ और ही स्वीकार था। मार्ग में ग्राम आलरी के समीप प्रसव पीड़ा असहनीय हो उठी। ऐसे कठिन समय में स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, ईएमटी जितेन्द्र देवतवाल एवं श्री पंचोली ने अपने अनुभव, धैर्य और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव संपन्न कराया। माँ और नवजात, दोनों को मक्सी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहाँ दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं।