भोपाल। मंत्री विजय शाह के बयान को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है. जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा केस दर्ज करने के आदेश के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अब इसी बीच मोहन सरकार के कई मंत्रियों को नए जिलों की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं प्रभार भी बदला गया है. मंत्रियों के जिला प्रभार और नई जिम्मेदारी में बदलाव का यह आदेश तब जारी हुआ है, जब विजय शाह के बयान को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है. इस सियासी घमासान के बीच सरकार ने 3 जिलों के प्रभारी मंत्रियों को बदल दिया है।
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रभारी मंत्रियों के जिलों में फेरबदल किया है. राज्य के 3 मंत्रियों की जिम्मेदारी बदली गई है. इनमें इंदर सिंह परमार, गौतम टेटवाल और दिलीप जायसवाल शामिल हैं. मंत्री दिलीप जायसवाल को अब सीधी के साथ मंडला जिले का भी प्रभार दिया गया है. यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि रामनिवास रावत के जाने के बाद मंडला जिले का प्रभार खाली हो गया था. इसके अलावा मंत्री गौतम टेटवाल को उज्जैन जिले के साथ-साथ बड़वानी जिले की भी जिम्मेदारी दी गई है, जबकि इंदर सिंह परमार से यह प्रभार वापस ले लिया गया है, जो पहले बड़वानी के प्रभारी मंत्री थे. अब इंदर सिंह परमार दमोह और पन्ना का प्रभार संभालेंगे. सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से और भी मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है.
दमोह और मंडला को मिले नए प्रभारी मंत्री
बता दें कि पिछले साल नवंबर में विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद रामनिवास रावत ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे 5 दिसंबर को स्वीकार कर लिया गया था. उनके इस्तीफे के बाद से ही दमोह और मंडला जिले में प्रभारी मंत्री नहीं थे। करीब छह महीने बाद अब इन दोनों जिलों को नए प्रभारी मंत्री मिल गए हैं. सरकार ने अलग-अलग मंत्रियों को इन जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है।