चित्तौड़गढ़। जिला कलेक्टर की दैनिक जनसुनवाई में पाड़ावास बेगू निवासी प्रार्थी रतन लाल सुथार उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जिसमें उसने बताया कि मेरे पुत्र ने दुसरी शादी कर ली तथा मेरी पुत्रवधु भी नाते चली गई है। उनकी 2 पोत्रियों सुश्री आरती सुथार एवं कोमल सुथार का पालन पोषण एवं पढाई लिखाई कराने में असमर्थ है एवं प्रार्थी तथा उसकी पत्नी श्रीमति सागर बाई के पास वृद्धावस्था पेंशन के अलावा ओर अन्य कोई आय का स्त्रोत नही है।
जिला कलेक्टर ने प्रार्थी की समस्या को सुना और संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया और अतिरिक्त मुख्य सचिव से व्यक्तिगत रूप से पत्राचार कर प्रकरण बनाकर भिजवाया।
जिस पर विभाग द्वारा पालनहार योजना संशोधित नियम 2022 के अन्तर्गत प्रकरण को दुर्लभ श्रेणी मे मानते हुये मानवीय आधार पर शिथिलता प्रदान करते हुये विशेष वर्ग में पालनहार आवेदन की अनुमति प्रदान की गई।
इसके तहत आरती सुथार और कोमल सुथार दोनों बच्चियों को पालनहार योजना की विशेष श्रेणी में लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी जिससे उनकी पढ़ाई और पालन-पोषण का खर्च उठाया जा सकेगा। यह योजना अनाथ या असहाय बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इससे बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण का खर्च उठाया जा सकता है और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।