BREAKING NEWS
BIG NEWS : उज्जैन जमीन विवाद पर सियासत तेज,.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले की रतनगढ़ थाना पुलिस और बिना.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : नीमच में सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत साइबर.. <<     BIG NEWS : सुलाबावजी के पास पेड़ पर लटका मिला युवक का.. <<     BIG NEWS : नीमच-सिंगोली मार्ग पर दर्दनाक हादसा, दो.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : 2 जुलाई को जिले में होगा विकसित भारत.. <<     BIG NEWS : एक्शन मोड में मालवा की मंदसौर पुलिस,.. <<     KHABAR : सेवा और संस्कारों के साथ मनाया.. <<     NEWS : कल्याण महाकुंभ का भव्य आगाज़, शोभायात्रा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : 11 जुलाई को नीमच आएंगे आचार्य कैलाशानंद.. <<     BIG REPORT : मंदसौर में सीवरेज की लापरवाही पर.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले में भयानक सड़क हादसा, चपलाना.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : जुलाई माह की इस तारीख तक करें आवेदन,.. <<     KHABAR : कॉलेज प्रवेश में नया कीर्तिमान, एक साल में.. <<     शाजापुर जिले के कालापीपल में मध्यप्रदेश.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
May 16, 2025, 12:25 pm
BIG REPORT : एमपी उच्च शिक्षा विभाग में प्रोफेसर और फैकल्टी की भारी कमी, सरकारी कॉलेजों में 6289 पद खाली, बड़े शैक्षणिक हब की स्थिति भी खराब, पढे़ खबर  

Share On:-

भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसरों की भारी कमी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में 69 विषयों के कुल 6,289 पद खाली हैं। ये सभी पद राजपत्रित शैक्षणिक संवर्ग के अंतर्गत आते हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा पद इंग्लिश विषय में खाली है। इनकी संख्या 458 है। कॉमर्स (440 पद) और इकोनॉमिक्स (387 पद) रिक्त है। 


रीवा जिला सबसे ऊपर 
प्रदेश में रीवा जिला सबसे ऊपर है। यहां 196 पद खाली हैं, सागर (193 पद), छतरपुर (190 पद) का स्थान, टॉप 10 जिलों में उज्जैन, सीधी, सिंगरौली, सीहोर, सतना, मुरैना और शिवपुरी भी शामिल है। वहीं राजधानी भोपाल सहित इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शैक्षणिक हब की स्थिति भी कोई बेहतर नहीं है। भोपाल में 102 पद खाली है।  


सरकार को उठाना होगा कदम 
यदि समय रहते इन पदों पर नियुक्ति नहीं हुई, तो आने वाले शैक्षणिक सत्र में लाखों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। विषय विशेषज्ञों की कमी से शिक्षा में गिरावट तो आएगी ही, शोध और नवाचार जैसे पहलू भी पीछे छूटेंगे। प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों को शिक्षकों की भारी जरूरत है। 6,289 पदों की यह रिक्तता केवल संख्या नहीं, बल्कि शिक्षा की सेहत का संकेत है। अब देखना है कि सरकार इस दिशा में कितनी तेजी से कदम उठाती है। 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE