भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में शुक्रवार को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह हुआ। इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। साथ ही कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य डॉ. विजय कुमार सारस्वत,तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और कुलपति प्रोफेसर राजीव त्रिपाठी की भी उपस्थिति रही।
205 मेधावी विद्यार्थियों को मिला सम्मान
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के तीन शैक्षणिक सत्रों दृ 2020, 2021 और 2022 में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाले 205 विद्यार्थियों को पदक और प्रशस्ति पत्र दिए गए। साथ ही जनवरी 2020 से दिसंबर 2023 के मध्य पीएचडी पूर्ण कर चुके 157 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। ये शोध विज्ञान, इंजीनियरिंग, तकनीकी एवं प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किए गए हैं। यह विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता और शोध क्षेत्र में उपलब्धियों को दर्शाता है।
रोजगार देने वाला बनने की दी सलाह
इस दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने समारोह को संबोधित करते हुए सभी विद्यार्थियों और पदक विजेताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, यह सफलता केवल आपकी नहीं, बल्कि आपके माता-पिता की भी है। जब विद्यार्थी मंच पर पदक लेने आते हैं, तो वह उनके लिए गौरव का क्षण होता है कृ उन्हें लगता है कि उन्होंने कुछ कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री लेने का दिन नहीं है, बल्कि यह आपके करियर को तय करने का भी अवसर है। अब आपको केवल नौकरी पाने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनकर सोचना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों को इस दिशा में काम करना चाहिए कि विद्यार्थी केवल प्लेसमेंट पाने तक सीमित न रहें, बल्कि इतना सक्षम बनें कि वे दूसरों को रोजगार दे सकें। यदि हम इस सोच के साथ आगे बढ़ते हैं, तो यह विश्वविद्यालय की एक बड़ी उपलब्धि होगी।
तकनीकी शिक्षा के सशक्तिकरण का प्रतीक
कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए गर्व और उपलब्धि का क्षण है, बल्कि यह प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के सशक्तिकरण और शोध संस्कृति को प्रोत्साहन देने का प्रतीक भी है।