खरगोन। जिले मेें जैविक कपास के नाम से फर्जीवाडे का मामला रफ्तार पकड़ रहा है। अब तक शिकवा-शिकायतों का दौर चल रहा था, लेकिन अब किसान भी सामने आ रहे है, जिनके नाम से जैविक कपास खरीदा गया। सोमवार को झिरन्या जनपद के ग्राम घोडी बुजुर्ग के किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में किसानों ने कुछ कंपनी एवं व्यापारियों की नामजद शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि न तो उनसे कपास खरीदा गया न ही वे जैविक कपास का उत्पादन करते है, इसके बाद भी उनके नाम से जैविक कपास बेचने के दस्तावेज उन्हें मिले है। किसानों ने इस मामले में कलेक्टर से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। किसान दुरसिंग बर्डे, मलीराम कनोजे, जाहरिया बामनिया, तुलसीराम सोलंकी आदि ने बताया कि कुछ व्यापारियों ने सर्टिफिकेशन बॉडी जो की भारत सरकार के एपीडा विभाग से अनुमोदित होती है फर्जी दस्तावेज बनाकर प्रमाणिकृत कराई है। हमें मिले दस्तावेजों में हमारे नाम की उपज, फर्जी बिल, बिल्टी और अन्य दस्तावेज बनाकर कागजों पर फर्जी खरीदी- बिक्री दशाई गई है, इसके एवज में हमें कोई राशि नही दी गई। हमारी मांग है कि इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।