चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुनील कुमार गोयल द्वारा ”सृजन की सुरक्षा योजना“ के तहत ग्राम पंचायत नेतावलगढ़ पाढाली में बालिका के जन्मोत्सव पर पौधारोपण कार्यक्रम किया गया। प्राधिकरण सचिव ने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी ”सृजन की सुरक्षा योजना“ के तहत एक ग्राम पंचायत नेतावलगढ़ पाढाली का चयन किया गया। जिसमें जन्म लेने वाली प्रत्येक बालिका के परिवार के द्वारा 11 पौधे लगाए जाएंगे तथा इन पौधों की प्रारम्भिक देखभाल और पोषण की जिम्मेदारी संबंधित परिवार की होगी। प्राधिकरण द्वारा चिन्हित गाँव में जन्म लेने वाली प्रत्येक ”हरित बालिका“ को एक विशिष्ट पहचान पत्र जारी किया जाएगा, जो चयनित परिवारों एवं बालिकाओं को विधिक सेवा संस्थानों तक पहुंचने और आवश्यक सहायता प्राप्त करने में सम्पर्क बिन्दु के रूप में कार्य करेगा। सचिव गोयल ने बताया कि मुख्य रूप से इस योजना की परिकल्पना एक ऐसे समाज को प्रोत्साहित करना है जहाँ महिलाओं को सशक्त बनाया जाए और पोषित किया जाए, बालिकाओं को आगे बढ़ाया जाए तथा पर्यावरण को संरक्षित एवं पोषित किया जाए। इस योजना के तहत कन्या भू्रण हत्या को रोकना और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, पोक्सो अपराधों की रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, विधिक जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना, जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूत करना एवं न्याय तक पहुँच प्रदान करना आदि उद्देश्यों को सम्मिलित किया गया है। पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत ने भी पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण एवं अधिकाधिक संख्या में वृक्षारोपण करने के लिए उपस्थित जन को प्रेरित किया। कार्यक्रम के पश्चात् प्राधिकरण सचिव, पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत, संदीप सेठिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ताराचंद गुप्ता, अतिरिक्त वन संरक्षक हेमन्त जी, सहायक विकास अधिकारी धर्मवीर जी, सरपंच बिंदुकंवर एवं प्रतिनिधि विजय सिंह, ग्राम सचिव हनुमन्त सिंह, पूर्व सरपंच एवं समाजसेवी रामेश्वर धाकड़, जगदीश, छगन, नारायण, नंदा, किशन, बद्री, जयराम, चिन्टू एवं समस्त बालाजी मित्र मण्डल द्वारा उपस्थित रहकर पौधारोपण में सहयोग किया गया एवं इन पौधों की सार संभाल एवं रखरखाव का संकल्प किया। इस अवसर पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे गए।