भोेपाल। तबादले के लिए बचे नौ दिन की समय सीमा के बीच पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिवों के लिए तबादला नीति जारी की है। इस नीति में कहा गया है कि एक ही पंचायत में दस साल की समय अवधि पूरी कर चुके पंचायत सचिवों के तबादले सबसे पहले होंगे। कोई भी पंचायत सचिव अपनी पैतृक पंचायत या ससुराल में पदस्थ नहीं किया जा सकेगा।
साथ ही अंतर जिला तबादले के लिए जहां से तबादला होना है और जहां के लिए होना है, उन दोनों ही जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की एनओसी होना अनिवार्य तय किया गया है।
पंचायत सचिवों के तबादले को लेकर जारी एक अन्य निर्देश में कहा गया है कि नियमित पंचायत सचिवों की स्थानांतरण नीति में जिले के भीतर ट्रांसफर में यह व्यवस्था भी लागू रहेगी कि जो पंचायत सचिव एक ही ग्राम पंचायत में पिछले दस साल या अधिक समय से पदस्थ हैं उनका ट्रांसफर किया जाएगा।
जिला संवर्ग में कार्यरत सचिवों की संख्या का 10ः ही ट्रांसफर इस कैटेगरी में किया जा सकेगा। जिन सचिवों को एक ही पंचायत में दस साल हो चुके हैं उनका तबादला पहले किया जाएगा।
जिले के भीतर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद तबादला
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी नीति में कहा गया है कि ग्राम पंचायतों में सचिवों का जिले के भीतर तबादला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद किया जा सकेगा। तबादला आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किया जाएगा।
इस आधार पर होंगे पंचायत सचिवों के तबादले
कलेक्टरों को दिए निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी ग्राम पंचायत में सचिव का नातेदार सरपंच या उप सरपंच चुन लिया गया है तो ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत से सचिव का तबादला दूसरी ग्राम पंचायत में किया जाएगा। तबादले के बाद नई पदस्थापना वाली ग्राम पंचायत में सचिव का नातेदार सरपंच या उपसरपंच नहीं होना चाहिए।
किसी भी पंचायत सचिव को उसके पैतृक ग्राम पंचायत या उसके ससुराल की ग्राम पंचायत में पदस्थ नहीं किया जाएगा।
ऐसे होंगे अंतर जिला तबादले
अन्तर जिला तबादले को लेकर जारी नीति में कहा गया है कि केवल स्वैच्छिक आवेदन पर ही तबादले किए जा सकेंगे। इसके लिए विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को ही ऐसे जिले में अंतर जिला स्थानांतरित किया जा सकेगा, जिसमें उसका ससुराल या पति का निवास या स्वयं का परिवार निवास करता हो।
ग्राम पंचायत की विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिला सचिव के वर्तमान पदस्थापना वाले जिले के और आवेदन किए जाने वाले जिले के सीईओ जिला पंचायत के एनओसी के आधार पर तबादला किया जा सकेगा।
ट्रांसफर के लिए आवेदन सचिव द्वारा वर्तमान पदस्थापना वाले जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिया जाएगा तथा उसकी कॉपी उस जिले के सीईओ जिला पंचायत को दी जाएगी। जहां वहां पदस्थापना चाहता है। आवेदित जिले की एनओसी मिलने के बाद पदस्थापना वाले जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा अनुशंसा के साथ आवेदन संचालक पंचायत राज संचालनालय को भेजा जाएगा।
तबादला आदेश प्रशासकीय अनुमोदन के बाद संचालक पंचायत राज द्वारा जारी किया जाएगा।
जिस सचिव का ट्रांसफर होना है, उसका नाम नए जिले की उस साल की सीनियारिटी लिस्ट में सबसे नीचे रखा जाएगा।
पूरे सेवाकाल में इस आधार पर पंचायत सचिव सिर्फ एक बार ही ट्रांसफर का लाभ ले सकेगा।