मुरैना। भीम आर्मी का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन शुक्रवार को मुरैना में हुआ। आयोजन शुरू होते ही पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष पर अण्डे फेंककर हंगामा कर दिया। इसके बाद भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष सुनील बेरसिया ने अपने समर्थकों के साथ नेशनल हाईवे 44 पर जाम लगा दिया। पुलिस ने अण्डे फेंकने वाले तीन युवकों के साथ-साथ चक्काजाम करने वालों पर भी एफआइआर दर्ज की है।
शुक्रवार दोपहर में जौरा रोड स्थित दाऊजी पैलेस में भीम आर्मी की विचार संगोष्ठी व कार्यकर्ता सम्मेलन। इस आयोजन में ग्वालियर हाईकोर्ट में डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगवाने पर मंथन शुरू हुआ ही था, कि छह-सात युवक मंच के समीप पहुंचे। उनमें से तीन कार्यकर्ताओं ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बेरसिया और जिला अध्यक्ष रणवीर जाटव पर अण्डे फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद मंच पर हड़कंप मच गया। भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष ले अण्डों के साथ पत्थर फेंकने के आरोप लगाए और मुरैना पुलिस पर सुरक्षा नहीं देने के आरोप लगाते हुए एसपी आफिस के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया। भीमआर्मी के कार्यकर्ताओं ने हाईवे की दोनों साइड कुछ समय के लिए जाम कर दीं। इस दौरान भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष ने आरक्षकों से लेकर एएसपी तक से अभद्रता करते हुए सुरक्षा नहीं देने की बात कही, इस पर एएसपी ने कहा कि किस संवैधानिक पद पर हो, जिसमें आपको सुरक्षा दें। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष रणवीर जाटव की शिकायत पर शशि पचौरी, अनुराग कौशल और प्रदीप राजौरिया पर केस दर्ज किया गया है। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह डाबर ने बताया, कि जाम लगाने वालों पर भी एफआइआर दर्ज करवाई जा रही है।
अण्डे फेंकने वाला बोला, संगठन बेच दिया, इसके खिलाफ फेंके अण्डेभीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष पर अण्डे फेंकने के मुख्य आरोपित प्रदीप राजौरिया ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, कि उसने अण्डे फेंककर विरोध किया है, लेकिन यह विरोध भीम आर्मी के खिलाफ नहीं है, बल्कि संगठन के हित के लिए किया गया है। प्रदीप ने खुलकर आरोप लगाए कि, सुनील बेरसिया ने करोड़ों रुपये लेकर भीम आर्मी को भाजपा में गिरवी रख दिया है। इसके पूरे प्रमाण उसके पास हैं, समय आने पर वीडियो-फोटो उपलब्ध करा दूंगा। प्रदीप खुद को भीम आर्मी का पूर्व जिला अध्यक्ष बताते हुए कह रहा है, कि वर्तमान जिला अध्यक्ष रणवीर जाटव, पांच-पांच हजार रुपये लेकर झूंठी सच्ची एफआइआर करवा रहा है।
वही ग्वालियर हाईकोर्ट में डा. आंबेडकर की प्रतिमा लगवाने के लिए हम प्रदेशभर में अभियान चला रहे हैं। इसके लिए जहां-जां बैठक होती हैं, वहां सुरक्षा मिलती है। ग्वालियर, दतिया सभी जिलों में हमें सुरक्षा मिली। पूर्व में एसपी साहब को आवेदन देकर सुरक्षा मांगी, लेकिन नहीं दी। हाईकोर्ट में आंबेडकर प्रतिमा का विरोध कर रहे वकीलों के साथ मिलकर कुछ लोगों ने यह हमला किया है।