तराना। भगवान पार्श्वनाथ का जीवन करुणा, त्याग और तपस्या का प्रतीक है। उनका उद्देश्य आत्मा की मुक्ति एवं अहिंसा का प्रचार था। उनके उपदेश एवं शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और मानवता को नेकी की राह दिखाते है। मंदिरों में व्यक्ति को मानसिक शांति सकारात्मक ऊर्जा एवं नैतिक मूल्यों की प्रेरणा मिलती है। तराना में आपका 500 वर्ष पुराना मंदिर जीर्णाेद्धार के बाद पुनः अपने भव्य स्वरूप में इतने कम समय डेढ़ साल में बनकर तैयार हो गया, यह समाजजन के लिए गर्व की बात है एवं बधाई के पात्र हैं। यह बात कर्नाटक के राज्यपाल माननीय थावरचंद गहलोत ने तराना में श्री वीरमणि पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजा ट्रस्ट संघ द्वारा मनमोहन पार्श्वनाथ जैन मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान धर्म सभा में अतिथि के रूप में कही। जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, क्षेत्रीय सांसद अनिल फिरोजिया, सांसद डॉ चिंतामणि मालवीय, घटिया विधायक सतीश मालवीय, ओम जैन, शिवानी कुमार जिला पंचायत उपाध्यक्ष शाजापुर, भाजपा जिला अध्यक्ष रवि पांडे, उज्जैन जिला अध्यक्ष राजेश धाकड़, तराना विधायक महेश परमार, बहादुर सिंह बोर मुंडला, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा आलोट विधायक डॉ चिंतामणि मालवीय, शंभू प्रसाद गिरी अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आदि अतिथि के रूप में मंचासीन थे। अतिथियों का स्वागत शैलेंद्र जैन, अशोक जैन, दिनेश जैन, अजय जैन इंद्रमल जैन कौशल जैन यशवंत पटौदी आदि समाज जन ने किया।
अतिथियों के उद्बोधन के बाद प्रतिष्ठा निश्रा दाता
श्रीमद् पद्म भूषण रतन सुरीशवार महाराज ने धर्म सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन संजय जैन ने किया एवं आभार भवरलाल जैन ने माना प्रातः मंदिर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई जिसमें आगे हाथी पर सवार श्रद्धालु धर्म ध्वजा फहराते चल रहे थे। आचार्य श्रीमदपद्म भूषण रत्न सुरीशवार महाराज व पन्यास प्रवर ऋषभ रत्न विजय महाराज के पीछे समाजजन शोभायात्रा में चल रहे थे। नगर में अनेक स्थानों पर विभिन्न संगठनों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा मार्ग फूलों से पट गया था।