चीताखेड़ा। स्थानीय गांव के पत्रकार दशरथ माली के निवास परिसर में शुक्रवार प्रातः एक जहरीला सांप दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत गांव के स्नेकसेवर एवं पेंटर कैलाश चंद्र माली को सूचना दी। सूचना मिलते ही कैलाश माली अपने खेत में कृषि कार्य छोड़कर तत्परता से मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना इंडियन कोबरा प्रजाति के सांप को सुरक्षित जीवित पकड़ा और आसपास के ग्रामीणों को सांप की पहचान व इससे जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी।
कैलाश माली ने बताया कि इस प्रजाति के सांप में न्यूरोटॉक्सिन नामक विष पाया जाता है, जो जानलेवा हो सकता है। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, झाड़-फूंक या तांत्रिक क्रियाओं में समय व्यर्थ न करें, और सीधे नजदीकी अस्पताल जाकर उपचार लें।
उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण वे खुले में आ जाते हैं, जिससे उनका इंसानी बस्तियों में दिखना आम हो जाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सांपों को न मारें, बल्कि स्नेकसेवर को बुलाकर रेस्क्यू करवाएं। संपर्क के लिए स्नेकसेवर कैलाश चंद्र माली को मोबाइल नंबर 9009502878 पर कॉल किया जा सकता है।
कैलाश माली ने अंत में कहा, “सांपों से इंसानों को बचाना और इंसानों से सांपों को बचाना ही मेरा उद्देश्य है, क्योंकि पर्यावरण संतुलन में उनका भी महत्वपूर्ण योगदान है।