मंदसौर। जिले में गुरुवार देर शाम से रात के बीच सर्पदंश की तीन अलग-अलग घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग गांवों में दो युवतियां और एक महिला सांप के काटने का शिकार हो गईं। तीनों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दो युवतियों को एहतियातन इमरजेंसी वार्ड में निगरानी में रखा गया है, जबकि एक महिला की हालत स्थिर होने पर उन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया है।
बरसात के मौसम में लगातार सामने आ रहे सर्पदंश के मामलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
गैस सिलेंडर के पास खड़ी युवती को सांप ने डसा-
पहली घटना ग्राम बनी की है। यहां 23 वर्षीय पवित्रा मोंगिया गुरुवार रात करीब 8.30 बजे अपने कच्चे मकान में गैस सिलेंडर के पास खड़ी थीं। इसी दौरान वहां छिपे सांप ने उनके पैर में काट लिया। परिजन उन्हें तत्काल निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बाद में घर में सांप की तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला। आशंका है कि वह मकान के किसी बिल में छिप गया। पवित्रा का उपचार जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जारी है।
एक ही घटना में दोनों पैरों पर डसा-
दूसरी घटना ग्राम चंदवासा की है। 22 वर्षीय रानी, पिता मोहम्मद हुसैन, रात करीब 8 बजे आंगन में प्याज धोने जा रही थीं। तभी एक पतले सांप ने उनके दाएं पैर में काट लिया। घबराकर जैसे ही उन्होंने आगे कदम बढ़ाया, सांप ने उनके दूसरे पैर में भी डस लिया। घटना के समय रानी घर में अकेली थीं। उन्होंने तत्काल परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। परिजन उन्हें पहले शामगढ़ अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनका उपचार भी इमरजेंसी वार्ड में जारी है।
सोयाबीन की फसल में काम करते समय महिला को काटा सांप-
तीसरी घटना ग्राम आपुखेड़ी में हुई। यहां 40 वर्षीय हुसैना, पत्नी आरिफ हुसैन, गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे खेत में सोयाबीन की फसल में काम कर रही थीं। इसी दौरान सांप ने उनके पैर में काट लिया। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल नारायणगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है और उन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया है।
दो मरीज निगरानी में, एक की हालत खतरे से बाहर
जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार तीनों मरीजों का उपचार जारी है। हुसैना की हालत खतरे से बाहर है, जबकि पवित्रा और रानी को एहतियातन इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
बरसात में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा-
विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में सांप अपने बिलों से निकलकर खेतों और रिहायशी क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में खेत, जंगल या झाड़ियों में जाते समय ऊंचे जूते एवं पूरे पैर ढकने वाले कपड़े पहनें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें तथा घर के आसपास झाड़ियां, कचरा, लकड़ी एवं पत्थरों के ढेर जमा न होने दें। खेतों और झाड़ियों में बिना देखे हाथ डालने से बचें तथा जमीन पर सोने के बजाय सुरक्षित स्थान का उपयोग करें।
सर्पदंश होने पर क्या करें-
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्पदंश एक मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और मरीज को शांत रखें। जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे यथासंभव स्थिर रखें तथा बिना देरी किए मरीज को नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) सर्पदंश का प्रभावी उपचार है। घाव पर चीरा न लगाएं, जहर चूसने का प्रयास न करें और न ही कसकर पट्टी बांधें। झाड़-फूंक अथवा घरेलू उपचार में समय न गंवाते हुए तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
चिकित्सकों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचने और उचित उपचार मिलने पर अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है।