हरदा। प्रदर्शन कर रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने आंसू गैस के गोल छोड़े। वाटर कैनन चलाकर भीड़ को कंट्रोल किया गया। प्रदर्शन में शामिल करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर समेत 50 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बताया, कार्यकर्ताओं को जाम खत्म करने की समझाइश दी जा रही थी, नहीं मानने पर रविवार सुबह वाटर कैनन चलाया गया। इसके बाद आंसू गेस के गोले छोड़े गए। लाठीचार्ज कर धरना दे रहे लोगों को खदेड़ा। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। सड़क के दोनों तरफ दो पहिया वाहन गिरे पड़े हैं। पुलिस इन वाहनों को उठाकर ले जा रही है।
शनिवार को प्रदर्शन कर रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ा। कार्यकर्ता पुलिस पर धोखाधड़ी के आरोपी से रुपए लेकर मनमानी कार्रवाई के आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस को हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत ने मौके पर मौजूद एसआई अनिल गुजर को धमकी दी। उन्होंने कहा कि वर्दी उतारकर आ जाना, यहां माहौल बिगड़ा तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
पुलिस ने इस मामले में करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत, आशीष राजपूत, शुभम और रोहित के खिलाफ बीएनएस की धारा 170 के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से चारों को जेल भेजा गया।
घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां करणी सेना के आशीष राजपूत ने विक्की उर्फ विकास लोधी, मोहित वर्मा और उमेश तपानिया पर 18 लाख के हीरे की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। आशीष ने पंडित की सलाह पर 1.52 कैरेट का हीरा खरीदने का मन बनाया था।
मोहित वर्मा ने इंदौर में उमेश तपानिया से पहचान कराई और आनंद ज्वेलर्स से हीरा चेक कराकर सौदा तय करवाया। हीरे के बदले नकद 16.79 लाख और दो ट्रांजेक्शन में 70 हजार रुपए दिए थे।
कुछ दिन बाद आरोपियों ने हीरे की कीमत बढ़ने का हवाला देकर दोबारा संपर्क किया। वे आशीष को इंदौर बुलाकर मुंबई ले गए। वहां हीरा चेक कराने के नाम पर नकली हीरा थमा दिया। इसके बाद पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी।
कोर्ट में चलान पेश करने के दौरान हंगामा
सिटी कोतवाली थाना टीआई प्रह्लाद सिंह मर्सकोले ने बताया कि अक्टूबर 2024 के धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस को शनिवार को कोर्ट में चालान पेश करना था। इसके लिए पुलिस आरोपी मोहित वर्मा को इंदौर से लेकर आई थी। शाम को करीब 40 कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। उनका कहना था कि आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए। इसके बाद पुलिस को हल्का बलप्रयोग करना पड़ा।