इंदिरा सागर बांध के बैकवाटर में बसे पर्यटन स्थल हनुवंतिया में जल महोत्सव-2025 के आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। मप्र टूरिज्म बोर्ड ने टेंट सिटी संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह महोत्सव नवंबर-दिसंबर से शुरू होकर दो महीने तक चल सकता है।
पर्यटन बोर्ड ने बताया कि जल महोत्सव के लिए चयनित एजेंसी टेंट सिटी का संचालन, संधारण और प्रबंधन करेगी। 4 अगस्त तक आवेदन लिए जाएंगे, इसके बाद टेंडर खोला जाएगा।
टूरिज्म बोर्ड, भोपाल के सचिव अंकित कौरव ने पुष्टि करते हुए बताया कि हनुवंतिया में जल महोत्सव-2025 की योजना है। आयोजन टेंट सिटी टेंडर पर निर्भर करेगा।
2024 में नहीं हो सका था आयोजन
बता दें कि बजट के अभाव के चलते साल 2024 में यह महोत्सव नहीं हो सका था। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में इसकी शुरुआत हुई थी। हनुवंतिया को मिनी गोवा की तरह विकसित किया गया है, जहां देश-प्रदेश से पर्यटक जल महोत्सव के दौरान पहुंचते हैं।
ओंकारेश्वर-उज्जैन-इंदौर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रस्तावित
टूरिज्म बोर्ड ने प्रदेश के 20 प्रमुख पर्यटन केंद्रों को जोड़ने के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने का भी टेंडर जारी किया है। 10 जुलाई तक आवेदन जमा हो चुके हैं। पहले चरण में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, भोपाल, मांडू, महेश्वर और बुरहानपुर को शामिल किया गया है। अगर प्रक्रिया तय समय पर पूरी हुई, तो दो महीने के भीतर इन रूट्स पर श्रद्धालुओं को हेली सेवा मिल सकती है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रा आसान होगी।
9 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में 27 टापू
इंदिरा सागर बांध का यह जलाशय 9 हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है। इंदिरा सागर जलाशय की जलग्रहण क्षमता 1220 करोड़ क्यूबिक मीटर है। पूरे बैकवाटर में 27 टापू हैं, प्रसिद्ध सैलानी आइलैंड तो इंदिरा सागर बांध से लगा है। जो कि तीर्थनगरी ओंकारेश्वर से नजदीक है।
हनुवंतिया टापू के पास में ही बोरियामाल, नागरबेड़ा और धारीकोटला टापू है, जिन्हें निजी सेक्टर के जिम्मे देने की तैयारी है। हनुवंतिया टापू फरवरी 2016 में तैयार हुआ। मास्टर प्लान 2035 तक इसे इंटरनेशनल टूरिस्ट सेंटर बनाने की तैयारी है। यहां मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट मीटिंग कर चुके हैं।
हनुवंतिया को इसलिए कहते हैं एमपी का स्विट्जरलैंड
दरअसल, खंडवा जिले के इंदिरा सागर बांध पर बना हनुवंतिया टापू अपनी खूबसूरती के लिए देशभर में चर्चित हो रहा है। इसकी खूबसूरती ऐसी कि आप नजरें हटा नहीं पाएंगे। इसी वजह से लोग इसे मिनी गोवा और मध्य प्रदेश का स्विट्जरलैंड कहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहला सैलानी टापू
1984 में इंदिरा सागर बांध बनना शुरू हुआ था। 2016 में हनुवंतिया सरकार द्वारा बनाया गया कृत्रिम जल पर्यटन स्थल है। इस टापू का नाम मध्यप्रदेश के ही मंदसौर के करीब के गांव हनुवंतिया से ही इसे मिला है। बैक वाटर में बना यह टापू देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहला सैलानी टापू है। इसके आसपास 50 टापू हैं। सीएम ने उन्हें भी विकसित करने की बात कही है।