नीमच। सत्यनारायण दायमा की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर पिछले दो दिनों से चल रहा बंजारा समाज का धरना आखिरकार समाप्त हो गया। मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। साथ ही प्रशासन ने आर्थिक सहायता और मजिस्ट्रियल जांच का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह पुलिस और प्रशासन ने मृतक का शव जिला अस्पताल से एंबुलेंस के जरिए जोड़मी गांव भेजा था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। लेकिन गांव में समाजजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए। स्थिति गंभीर होती देख कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने हस्तक्षेप किया। आर. सागर कछावा बरसात में भी धरने पर डटे रहे। बाद में समाज और परिजनों से चर्चा कर सहमति बनी कि शव को नीमच लाकर सम्मानपूर्वक परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रशासन की ओर से मृतक की पत्नी को तत्काल 50,000 का चेक सौंपा गया। साथ ही संबल योजना और मुख्यमंत्री सहायता कोष से भी मदद दिलाने का आश्वासन दिया गया। मामले की लापरवाही को लेकर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। आश्वासनों और मांगों के स्वीकार होने के बाद समाज व परिवार ने धरना समाप्त कर दिया। इसके साथ ही दो दिनों से जारी तनावपूर्ण स्थिति पर विराम लग गया।