BREAKING NEWS
BIG NEWS : नीमच में मंगलवार को बिजली विभाग का.. <<     BIG NEWS: नशे के कारोबार में फरारी काट रहा था 12.. <<     BIG NEWS : मंदसौर से राजस्थान तक फैला था डोडाचूरा.. <<     KHABAR : एक सुर, एक स्वर और देशभक्ति का संदेश, नीमच.. <<     BIG NEWS : पत्नी के चरित्र पर करता था शक, शराब के नशे.. <<     KHABAR : नगरपालिका के 14 प्रस्तावों पर बीजेपी.. <<     BIG NEWS : हरदीप पुरी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी,.. <<     BIG NEWS : दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी आदिवासी.. <<     BIG REPORT : सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पांच.. <<     KHABAR : दीपावली बोनस और लंबित मांगों को लेकर.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : बालाघाट में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई,.. <<     BIG NEWS : गंभीरी नदी के पास खड़े थे तीन युवक, फिर.. <<     BIG VIDEO UPDATE : अफीम किसानों की आखिरी आस अब सांवलिया.. <<     BIG NEWS : तीन प्रमुख सचिव और 16 अफसर होंगे पदोन्नत,.. <<     BIG NEWS : सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त हुईं सीएमओ,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 30, 2026, 3:11 pm
BIG NEWS : फसल बर्बाद, क्लेम गायब, नीमच में हजारों किसानों ने खोला प्रशासन और बीमा कंपनी के खिलाफ मोर्चा, कलेक्टोरेट में की नारेबाजी, ज्ञापन सौंप उठाई मांग, न्याय नहीं मिलने पर दी आंदोलन की चेतावनी, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। खरीफ वर्ष 2025 में अतिवृष्टि से फसलें बर्बाद होने के बावजूद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम से वंचित किए जाने को लेकर मनासा क्षेत्र के किसानों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। भदवा, रतनपुरा, लसूडिया आंत्री, कड़ी आंत्री, देवरी आंत्री, हतुनिया, बरलाई, कुंडलिया, मोया, आमदखेड़ी, धाऊखेड़ी, फूलपुरा और नलवा सहित कई गांवों के किसानों ने कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रशासन और बीमा कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

किसानों का कहना है कि वर्ष 2025 में अतिवृष्टि के कारण उनकी सोयाबीन की फसल लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई थी। शासन द्वारा फसल नुकसान को स्वीकार करते हुए राहत राशि भी प्रदान की गई, लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम की राशि देने के समय कई गांवों को ष्जीरो क्लेमष् श्रेणी में रखकर किसानों को योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया। किसानों ने सवाल उठाया कि जब फसल नुकसान का सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध है और बीमा प्रीमियम भी जमा किया गया है, तो बीमा क्लेम किस आधार पर रोका गया।

ज्ञापन में किसानों ने संबंधित पटवारी दीपक पाल धनगर पर समय पर फसल क्षति का सर्वे नहीं करने का आरोप लगाया है, जिसके कारण हजारों किसान बीमा योजना के लाभ से वंचित रह गए। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक नामांतरण एवं किसान सम्मान निधि पोर्टल पर वारिसों के नाम दर्ज करने के लिए 5 हजार से 10 हजार रुपये तक की अवैध राशि की मांग की जाती है। रिश्वत नहीं देने पर नामांतरण लंबित रखने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ रोकने की धमकी दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2025 की फसल क्षति का विशेष पंचनामा दोबारा कराया जाए, सभी पात्र किसानों को तत्काल बीमा क्लेम एवं मुआवजा प्रदान किया जाए, बीमा कंपनी की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा रिश्वतखोरी और लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला और उनका लंबित बीमा क्लेम जारी नहीं किया गया, तो वे व्यापक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE