मनासा। मध्यप्रदेश में इस वर्ष औसत से अधिक बारिश हुई है, जिसके चलते कई जिलों और गांवों में हालात बेकाबू हो गए हैं। अतिवृष्टि का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। नीमच जिले की मनासा तहसील में सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि और मोजेक रोग की चपेट में आकर बर्बाद हो गई है।
सोमवार को मोया गांव के किसान बड़ी संख्या में मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि इस बार सोयाबीन की फसल पर पीला मोजेक रोग, अफलन और अतिवृष्टि का गंभीर असर पड़ा है। परिणामस्वरूप पौधे सूख गए और फलन न होने से किसानों पर आर्थिक संकट गहराने लगा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो राजस्व विभाग ने खेतों का निरीक्षण किया और न ही सर्वे कराया। किसानों ने शीघ्र ही सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।