चित्तौड़गढ़। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान चितौड़गढ़ के तत्वाधान में संथारा विशेषज्ञ,छोटे जैन दिवाकर धर्म मुनि म सा का 80 वाँ जन्मदिवस सामूहिक एकासन दिवस के रूप में मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने नानू नवकार भवन में आयोजित सामूहिक एकासन कर एक स्थान पर एक समय भोजन कर अपने गुरु धर्म मुनि का जन्मदिन मनाया। इससे पूर्व श्री जैन दिवाकर स्वाध्याय साधना संस्थान चितौड़गढ़ में आयोजित धर्मसभा में गुरुदेव धर्म मुनि म सा ने कहा ने उपस्थित श्रावक श्राविकाओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए सभी के घरों में सुख की मंगलकामना की और कहा कि साधु जीवन ऐसा होना चाहिए कि आपके बाद भी आपके ज्ञान ,दर्शन और चारित्र से आपकी साख बनी रहनी चाहिए।उन्होंने इस अवसर पर सभी को संकल्प दिलाया कि कभी भी भोजन में जूठा न छोड़ें।उन्होंने कहा कि जैन धर्म शूर वीरों का धर्म है इसलिए जैन धर्म के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने से ये गति और आने वाली गति भी सुधर जाएगी।धर्म सबसे महान है जो डूबते को भी तिरा देता है।उन्होंने कहा कि पाप को खारा समझो और धर्म को मीठा समझो ।गृहस्थ को भी सोलहवें भव में मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। धर्मसभा को चिराग मुनि ने संबोधित करते हुए कहा कि खुद अपनी आत्मा को तिराओ और भवसागर को पार कर जाओ।चंद्रेश मुनि ने कहा कि गुरु का दिया नाम सच्चा हो जाता है ।धर्म मुनि म सा ने अपने नाम के अनुरूप ही यथा नाम तथा गुण को चरितार्थ किया है। केशव मुनि ने गुरुदेव के जन्मोत्सव पर मधुर भजन से आनंद ही आनंद बरस रहा, बलिहारी ऐसे गुरुवर कोष्का श्रवण कराया। मीडिया प्रभारी सुधीर जैन ने बताया कि धर्मसभा में भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद सी पी जोशी ने गुरुदेव धर्म मुनि के 80 वें जन्मदिवस पर वंदना करते हुए अपने भाव प्रकट किए ।उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ में गुरुदेव का चातुर्मास हम सभी के लिए एक गौरव है । उन्होंने कहा कि धर्म की कोई परिभाषा नहीं होती पर धर्म मुनि के दर्शन के बाद सांसद जोशी ने कहा कि गुरुवर के दर्शन मात्र से ही धन्य हो जाते हैं ।उन्होंने अपने जीवन में नवकार मंत्र की स्तुति को अपनी नित्य पूजा का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए 13 वर्ष पूर्व गुरु धर्म मुनि के प्रथम दर्शन
को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन बताते हुए कहा कि आपकी प्रेरणा से ही जमीकंद और रात्रि भोजन त्याग को अपनाने से जीवन में सुखद अनुभूति हुई है।
श्रमण संघ अध्यक्ष किरण डांगी,तपस्वी राज दीपक सचदेवा, श्री जैन दिवाकर संगठन समिति मंत्री सुधीर जैन,सुनील बंब, पवन जैन पानीपत, राजेश जारोली, मीना बोहरा, सुनीता सहलोत, अनीशा जैन पानीपत, मनीष जैन नारनौल, अनीता जैन करनाल, सुशील बंब, आस्था रतलाम, विक्रम मेहता मंदसौर, विमल जैन पीतमपुरा दिल्ली, महेंद्र बोथरा रतलाम ने गुरु के जन्मोत्सव पर अपनी भावनाओं को शब्दों और भजनों में प्रस्तुत किया। गौतम प्रसादी के मुख्य लाभार्थी नरेश ,कुसुम,अरुण,वरुण,अमित एवं परिवार , पीथमपुरा नई दिल्ली रहे। श्री जैन दिवाकर महिला परिषद द्वारा स्वागत गीतिका प्रस्तुत की गई। श्रमण संघ महामंत्री राजेश सेठिया और मंत्री प्रदीप बाबेल ने सभी श्रावक श्राविकाओं का आभार व्यक्त किया। श्री जैन दिवाकर युवा परिषद द्वारा सामूहिक एकासना कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।