मनासा। मंदिरों की नगरी मनासा में गुरुवार को जलझूलनी एकादशी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर दोपहर 2 बजे नगर के विभिन्न समाजों के मंदिरों से भगवान के डोल (बेवान) भव्य शोभायात्रा के रूप में निकाले गए।
शोभायात्रा में शामिल अखाड़ों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल-लेझीम की थाप, शंख-घड़ियाल की गूंज और भजन-कीर्तन से पूरा नगर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। भगवान पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले।
यह शोभायात्रा नगर नायक ब्रदीविशाल मंदिर से प्रारंभ होकर गांधी चौक, अल्हेड दरवाजा, सब्जी मंडी सहित मुख्य मार्गों से होते हुए मंदसौर रोड स्थित रामतलाई पर पहुंची। यहां भगवान का विधिवत स्नान कराकर महाआरती की गई। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवृष्टि कर भगवान का स्वागत किया। महिलाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
गौरतलब है कि पूरे देश में जलझूलनी ग्यारस पर बुधवार को शोभायात्राएं निकाली गई थीं, जबकि मनासा में यह आयोजन एक दिन बाद हुआ। इस विषय पर बद्रीविशाल मंदिर पर बैठक आयोजित की गई, जिसमें विद्वानों ने निर्णय लिया कि भविष्य में मनासा में भी धार्मिक आयोजन देशभर में निर्धारित परंपरागत तिथियों के अनुरूप ही मनाए जाएंगे।