शाजापुर। शुक्रवार को जश्ने ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर शाजापुर शहर पूरी तरह आध्यात्मिक रौनक और जश्न के माहौल में डूब गया। सुबह से ही गली-गली, चौक-चौराहों पर “लब्बैक या रसूल अल्लाह” की सदाएं गूंजने लगीं। सीरत कमेटी के सदर हनीफ (उर्फ हन्नू भाई) की अगुवाई में निकले भव्य जुलूस में हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। घोड़ी, बग्गी, बैंड-बाजे और डीजे ने जुलूस की शोभा बढ़ाई।
कुरान ख्वानी और अमन-चौन की दुआ
सुबह 8 बजे शाही जामा मस्जिद बादशाही रोड पर कुरान ख्वानी का आयोजन किया गया। इस दौरान कलाम-ए-पाक की तिलावत हुई और मुल्क व दुनिया में अमन-चौन, भाईचारे और इंसाफ की विशेष दुआ की गई।
पुष्पवर्षा और तबर्रुक से खिला माहौल-
सुबह 9 बजे जुलूस का आगाज हुआ। जगह-जगह समाजजन पुष्पवर्षा और साफा पहनाकर स्वागत करते नजर आए। मार्ग में फल, मिठाई, केक और चॉकलेट वितरित कर मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम दिया गया।
शहर की गलियों से गुजरा जुलूस-
जुलूस शाही जामा मस्जिद से प्रारंभ होकर मिरकला बाजार, आजाद चौक, नई सड़क, फव्वारा चौक, टेंशन चौक, मगरिया, सोमवारिया बाजार, छोटा चौक, किला रोड, कसाईवाड़ा होते हुए दोपहर 1रू30 पर जुलूस शाही जामा मस्जिद पहुंचा। यहां मोहम्मद साहब पर दुरूद-ओ-सलाम पेश कर जुलूस का समापन किया गया।
पैगंबर-ए-इस्लाम के चरित्र पर डाली गई रोशनी-
जुलूस के दौरान वक्ताओं ने हजरत मोहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनकर आए। उन्होंने गरीबों, यतीमों और मजलूमों के हक की रक्षा की। मोहम्मद साहब का चरित्र सादगी, ईमानदारी, इंसाफ और रहमदिली से परिपूर्ण था। उन्होंने हमेशा सच बोलने, बड़ों का सम्मान करने, छोटों से मोहब्बत करने और हर मजहब के लोगों से इंसाफ बरतने की शिक्षा दी। उनकी जिंदगी का हर पहलू मानवता के लिए मार्गदर्शक है और उनका पैगाम आज भी पूरी दुनिया में अमन-चौन का संदेश देता है।
प्रमुख पदाधिकारी और समाजजन रहे शामिल-
भव्य जुलूस में सीरत कमेटी के सदर हनीफ (उर्फ हन्नू भाई), सीरत कमेटी सरपरस्त शेख समीम उर्फ शम्मू भाई, इमरान खरखरे, काजी अहसान उल्लाह, काजी मोहसिन उल्लाह, हाजी नईम कुरैशी, असलम शाह,खजांची असगर अली, वरिष्ठ नायब सदर लालु उस्ताद, इक्का भाई, नायब सदर सोहेब मेव, इरशाद नागोरी, रईस पठान, अफजल अंसारी, जनरल सेक्रेटरी इमरान मदनी, सेक्रेटरी इरफान मंसूरी, मीडिया प्रभारी शफीक खान पत्रकार, प्रवक्ता हनीफ राही,नायब काजी रेहमत उल्लाह, मिर्जा सोहराब बैग,जाकिर हुसैन, सैय्यद आबिद अली, सैय्यद अनवर अली, शेख सलमान, सलीम अहमद सलामी साहब,शाकीर बुशरा टेलर, शेख जमील जम्मू, बाबू भाई इरिगेशन सहित हजारों की संख्या में समाजजन मौजूद रहे।