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September 9, 2025, 11:33 am
KHABAR : जीरन तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और पीला मोजेक वायरस के प्रकोप से फसलें चौपट, सर्वे न होने से किसानों में भारी आक्रोश, पढ़े भगत मांगरिया की खबर 

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चीताखेड़ा। जीरन तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और पीला मोजेक वायरस के प्रकोप से सोयाबीन सहित खरीफ की अन्य फसलें बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। अतिवृष्टि से खेतों में पानी भरने के कारण फलियां सड़ने लगी हैं। किसानों का कहना है कि फसलें जलमग्न होकर सड़-गल रही हैं, जबकि शेष फसलें वायरस से सूख रही हैं।

किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बीमा राशि और मुआवजे की मांग की थी, लेकिन ज्ञापन दिए 8 दिन बाद भी नुकसान का सर्वे शुरू नहीं किया गया। इससे किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि शासन स्तर पर सर्वे नहीं होने से वे आर्थिक और मानसिक संकट झेल रहे हैं।

कृषक नरेश पाटीदार (पीठ) ने कहा कि सोयाबीन की फसल में अफलन और पीला मोजेक वायरस हावी हो जाने से 70दृ75 प्रतिशत तक नुकसान हो चुका है। इसके अलावा अन्य खरीफ फसलें भी पूरी तरह चौपट हो गई हैं। बीमा कंपनी और प्रशासन को तुरंत राहत राशि किसानों के बैंक खातों में जमा करनी चाहिए।

रामसिंह जाट (हरनावदा) ने कहा कि फसल बीमा और मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर 5 दिन पूर्व जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन आज तक कोई अधिकारी नुकसानी का सर्वे करने खेतों तक नहीं पहुँचा।

वहीं अशोक सोलंकी (चीताखेड़ा) ने कहा कि लगातार पिछले 5 सालों से खरीफ सीजन की फसलें बारिश से प्रभावित हो रही हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन ने कोई मदद नहीं की। इस बार तो नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है, इसलिए तत्काल बीमा राशि और मुआवजा मिलना चाहिए।

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