मंदसौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 12 सितंबर को मंदसौर जिले का दौरा प्रस्तावित है। जहां एक ओर प्रशासन तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है। मोर्चा और प्रशासन के बीच सोमवार को हुई बड़ी बैठक में किसानों ने अपनी प्रमुख मांगों को मजबूती से रखा।

किसानों की प्रमुख मांगें-
बैठक में किसानों ने कहा कि वर्ष 2019 की बाढ़ में फसल नुकसान पर आरबीसी 6:4 (राष्ट्रीय आपदा प्रावधान) के तहत स्वीकृत मुआवजा राशि की शेष किस्त वंचित किसानों को ब्याज सहित तुरंत दी जाए। खरीफ 2025 की फसल पीला मोजेक वायरस और जलभराव से नष्ट हो गई है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कर आरबीसी 6:4 के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जाए। बीमा कंपनियों को निर्देशित किया जाए कि वे चालू वर्ष की खराब फसलों का भुगतान इसी वर्ष करें। भारत सरकार द्वारा घोषित एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, उड़द और मूंग की खरीदी के लिए पंजीयन शीघ्र प्रारंभ किए जाएं।

वर्ष 2018 की ‘जय किसान फसल ऋण माफी योजना’ से वंचित किसानों का मामला भी उठाया गया। किसानों ने मांग की कि उस समय डिफाल्टर घोषित किए गए किसानों से वसूली रोकी जाए और उनके ऋण पूरी तरह माफ किए जाएं, ताकि वे खाद, बीज और फसल बीमा योजना का लाभ ले सकें।

आंदोलन की चेतावनी-
संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट कहा कि यदि इन मांगों का 7 दिन के भीतर निराकरण नहीं किया गया, तो किसान मंदसौर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।
