नीमच। जिले में सोयाबीन और उड़द की फसलों को भारी बारिश और पीला मौजेक रोग ने बर्बाद कर दिया है। इस नुकसान से किसान ही नहीं, बल्कि मंदिरों से जुड़े पुजारी भी प्रभावित हुए हैं। अपनी आजीविका का साधन खो चुके पुजारियों ने अब मुआवजे की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
अखिल भारतीय संत समिति, धर्म समाज पुजारी इकाई ने मंगलवार को मुख्यमंत्री और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति की मांग की। संगठन के जिला महामंत्री बलरामदास बैरागी ने बताया कि सरकारी मंदिरों से जुड़ी कृषि भूमि का प्रबंधन कलेक्टर के पास होने से पुजारियों को केसीसी ऋण और बीमा योजनाओं का लाभ नहीं मिलता। ऐसे में फसल बर्बाद होने पर वे सरकारी सहायता से वंचित रह जाते हैं।
पुजारियों ने कहा कि नुकसान इतना बड़ा है कि परिवार का भरण-पोषण भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रभावित पुजारियों को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में पुजारी मौजूद रहे।