चीताखेड़ा। चीताखेड़ा पंचायत में विकास कार्य प्रस्ताव और स्वीकृत राशि होने के बावजूद कार्य ठप पड़े हुए हैं। उप-सरपंच विकास प्रजापत ने जिला कलेक्टर को शिकायत में आरोप लगाया है कि सरपंच प्रतिनिधि की तानाशाही और राजनीतिक खुन्नस के चलते जनहित के कार्य जानबूझकर रोके जा रहे हैं।
शिकायत में कहा गया है कि तीन साल में पंचायत में तीसरा सचिव आने के बावजूद तालमेल नहीं बैठ रहा। सचिव ने भी स्पष्ट किया कि वह विकास कार्यों के पक्ष में हैं, लेकिन सरपंच प्रतिनिधि किसी कार्य को आगे बढ़ाने नहीं देते।
गांव में साफ-सफाई के अभाव में गंदगी फैली हुई है, मच्छरों की भरमार से लोग परेशान हैं, वहीं बिजली खंभों पर बल्ब बंद होने से अंधेरे का खतरा बना हुआ है। वार्ड-2 में सीसी रोड निर्माण प्रस्ताव व स्वीकृत राशि होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ। इसी तरह शिव मंदिर चबूतरे पर छत निर्माण कार्य हेतु 1 लाख रुपए स्वीकृत होने और भूमि पूजन के बाद भी निर्माण अधर में लटका हुआ है।
गांव के 20 पंचों में से 18 ने उप-सरपंच का समर्थन करते हुए ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है। पंचों का कहना है कि तानाशाही रवैये से वे मतदाताओं से किए वादे पूरे नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, सरपंच प्रतिनिधि ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उप-सरपंच व्यक्तिगत स्वार्थ में रुपए की मांग करता है, जो पूरी न होने पर झूठी शिकायतें कर रहा है।