श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में सेवा पखवाड़ा-2025 के अन्तर्गत दिनांक 29.09.2025 को ‘‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम की संयोजक डॉ रश्मि हरित ने परिचर्चा के विषय का प्रतिपादन करते हुए कहा कि यह अभियान पूरे भारत में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने पर केन्द्रित है। पौष्टिक भोजन से ही महिलाएं स्वस्थ रह सकती है। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ0 पी.सी. रांका ने बताया कि ‘‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’’ अभियान स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं के उत्तम स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। महिलाओं को राष्ट्र की शक्ति का आधार बनाने की दिशा में केन्द्र सरकार कृत संकल्पित है। स्वस्थ महिलाएं स्वस्थ परिवारों का निर्माण करती है, जिससे एक सशक्त समाज का निर्माण होता है और अन्ततः यह राष्ट्रीय लक्ष्यों में योगदान देता है। वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो0 विजया वधवा ने बताया कि महिलाओं को अपने पौष्टिक भोजन पर अवश्य ध्यान देना चाहिए। महिला स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण से जुड़ा हुआ है।
परिचर्चा में महाविद्यालय की अनेक छात्राओं ने भी अपने सशक्त विचारों द्वारा परिचर्चा को सार्थक बना दिया। बी.एससी. द्वितीय वर्ष की छात्रा कु0 सपना बैरागी ने महिलाओं की स्वच्छता का महत्व बताते हुए कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए सर्वप्रथम स्वच्छ रहना आवश्यक है। बी.एच.एससी. की छात्रा कु0 तरन्नुम ने महिलाओं के पौष्टिक भोजन पर बल दिया। बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा लक्की पारवानी ने कहा कि महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण के लिए नियमित व्यायाम भी महत्वपूर्ण है। बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा कु0 सपना बैरागी ने कहा कि फलों, सब्जियों, प्रोटीन और साबुत अनाज युक्त आहार से स्वस्थ रहा जा सकता है। बी.एससी. की छात्रा कु0 पूजा ने कहा कि अत्यन्त काम के दिनों में भी महिलाओं को आराम एवं नींद पर पर्याप्त ध्यान देना चाहिए। बी.कॉम. द्वितीय वर्ष की छात्रा कु0 गुनगुन जैन ने कहा कि संतुलित, पौष्टिक एवं फाइबर युक्त भोजन भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम में प्रो0 संजय बिजोलिया, प्रो0 सुनील कुमावत, प्रो0 राजेश डोडिया, प्रो0 महेन्द्र राव, प्रो0 संगीता शर्मा, प्रो0 सिमरन बी, श्री नरेन्द्र शर्मा के अतिरिक्त बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार डॉ0 रश्मि हरित ने किया।