नीमच। पी.एम. कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच और मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में स्वदेशी जागरण सप्ताह के अंतर्गत महाविद्यालय सभाकक्ष में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का संकल्प दिलाया गया।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय आर.वी. महाविद्यालय मनासा के प्राचार्य डॉ. एम.एल. धाकड़ और शासकीय महाविद्यालय रामपुरा के प्राध्यापक डॉ. एन.के. डबकरा ने भाग लिया। समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभागाध्यक्ष वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजय जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया और स्वदेशी जागरण अभियान के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता डॉ. एम.एल. धाकड़ ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के समय बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व में विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी को अपनाने का आंदोलन चला था। उन्होंने कहा कि आज भी हमें विदेशी वस्तुओं की बजाय अपने देश की स्वदेशी वस्तुओं का अधिकतम उपयोग करना चाहिए, जिससे देश का धन विदेशों में न जाए और भारत आर्थिक रूप से सशक्त बने।
डॉ. एन.के. डबकरा ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि सस्ते विदेशी सामान के मोह में पड़ने से देश का धन विदेशी कंपनियों को जाता है। हमें खादी पहनने और स्थानीय स्वदेशी उत्पाद खरीदने के साथ उनका प्रचार-प्रसार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति है और हमें संकल्प लेना चाहिए कि हमेशा स्वदेशी का ही उपयोग करेंगे।
संगोष्ठी के अंत में डॉ. संजय जोशी ने सभी उपस्थितों को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का संकल्प दिलाया और मानव श्रृंखला बनाकर स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन जन अभियान परिषद के पवन कुमरावत ने किया और आभार प्रदर्शन संजय पंवार ने किया।