सरवानिया महाराज। शहर में गुरुवार को विजयादशमी पर संघ की स्थापना के एक सो वर्ष पुर्ण होने की खुशी में पथ संचलन निकला जिसमें बड़ी संख्या में स्वयं सेवकों के साथ बाल स्वयं सेवकों ने कदम ताल मिलायें।
प्रातः 9:00 बजे श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर नगर परिषद परिसर से शस्त्र पूजन दीप प्रज्ज्वलित कर भगवा ध्वज को प्रणाम कर पथ संचलन का श्री गणेश हुआ । दीप प्रज्ज्वलन पर्यावरण गतिविधी प्रमुख यशवंत यादव, जावद खंड संघ चालक घनश्याम शर्मा, खंड कार्यवाह विजय सिंह राणावत ने किया। पथ संचलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयं सेवकों ने जय घोष की थाप और दण्ड के संकेत पर क़दम ताल मिलायें। पथ संचलन नीमच सिंगोली रोड़ बस स्टैंड पिपली चोक दरवाज़ा सदर बाजार गढ़ पिछे आंकली उपरेड़ा रोड़ शिव नगर गाड़ी लुहार बस्ती से सीधा बौद्धिक स्थल नगर परिषद परिसर पहुंचा।
संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को मोहितो के बाड़े में नागपुर में हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत में बिखरे हुए हिंदुओं को एक करना था आज देश सहित विदेशों में भी यह एकत्रिकरण शाखाओं के माध्यम से किया जा रहा है। उस समय संघ का प्रचार करना, यातायात के संसाधनों का अभाव, घर परिवार से दूर रहना बड़ी चुनौती थी बावजूद इसके लाखों लोग संघ कार्य में लगे हुए रहे। संघ पांच परिवर्तन लेकर लोगों को जागरूक करने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में घर घर जायेगा। यह बात बौद्धिक यशवंत यादव विभाग पर्यावरण गतिविधी प्रमुख ने उपस्थित स्वयं सेवकों को कही। श्री यादव ने कहा कि हजारों साल पहले के युगों में तन शक्ति मन शक्ति हुआ करती थी फिर धीरे धीरे युद्ध शक्ति प्रबल हुआ करती थीं लेकिन अभी के समय में संगठन शक्ति प्रबल हैं। सामाजिक समरसता स्वबोध कुटुंब प्रबोधन पर्यावरण नागरिक कर्तव्य ऐसे पांच परिवर्तन है जिनके माध्यम से समाज में समरसता और शक्ति का संचार करना है।
संघ की स्थापना और शताब्दी वर्ष-
आज ही के दिन 1925 में विजयादशमी के पावन बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व पर डा. केशव हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। आज संघ को एक सो वर्ष पुर्ण होने की खुशी में शहर में पूर्ण गणवेश में स्वयं सेवकों ने पथ संचलन निकाला। पथ संचलन को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता बहुत पहले से तैयारी में जुटे हुए थे। संघ के प्रथम सरसंघचालक डा. हेडगेवार ने शाखा की कल्पना की थी जो आज समुचे देश में संघ के बेनर तले लगती है जिसे संघ शाखा कहते हैं।
फूलों से पट गया पथ गमन मार्ग-
पंच मुखी हनुमान मंदिर से जब पथ संचलन शुरू होकर जिस भी मार्ग से जंहा जंहा से भी गुज़रा उन मार्गो पर शहरवासियों ने स्वयं सेवकों का फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। अनेकों स्थानों पर संचलन के स्वागत में लोगों ने फूलों की वर्षा की।
संघ का मार्च मैदान में खा़की-
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन (मार्च)की निगेहबानी में शहर कि खा़की संचलन के आगे आगे भीड़ भाड़ ट्राफिक को कन्ट्रोल करती मैदान में मुस्तैद रही। स्वयं चौकी प्रभारी श्याम कुमावत अपनी टीम को लेकर शहर के सभी रास्ते भर में पथ संचलन की व्यवस्था में लगी रही। एक टीम प्रभारी के नैतृत्व में आगे आगे तो दुसरी टीम संचलन के आख़िरी में तथा जवान साइडों में सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे।