मनासा। विकासखंड से दूर स्थित ऊंचेड़ गांव में परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी विजयादशमी के एक दिन बाद एकादशी के दिन एक दिवसीय मेले का आयोजन हुआ। मेले का मुख्य आकर्षण पाती विसर्जन, भविष्यवाणी और इसके बाद होने वाला काल्पनिक देवासुर संग्राम रहा। आयोजन में गांववासियों सहित आसपास के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहयोग दिया।

भविष्यवाणी 2025-26 में बताया गया कि बोवनी के लिए पहली बारिश (दोगड़ा) ज्येष्ठ माह में होगी। यदि परिस्थितियां अनुकूल हों तो बुवाई करें, अन्यथा सीमित बोवनी की सलाह दी गई। आषाढ़ माह के पहले पक्ष की पंचमी से अष्टमी तक अच्छी बारिश होगी। इसके बाद आषाढ़ अमावस्या से पंचमी तक दूसरा दौर भी आएगा।

अफीम फसल दीपावली से बोने वालों के लिए लाभकारी बताई गई। हालांकि, ज्येष्ठ माह में पशुओं में बीमारी का प्रकोप अधिक रहने की संभावना जताई गई, जिसका उपाय दीपावली के बाद क्षेत्र के खुट-खेड़ा देवताओं की पूजा करना बताया गया।

भविष्यवाणी में कहा गया कि पोस माह में शीतलहर (दाह) से हल्की फसलों को नुकसान होगा, जबकि शिवरात्रि के आसपास फिर से शीतलहर चलेगी। उत्पादन के लिहाज से 2026 के जून-जुलाई-सितंबर माह की फसलों का उत्पादन कम रहने की संभावना है।

वहीं, चार माह की बरसात अच्छी रहने का अनुमान है। फसलों में चिया, गेहूं, चना, प्याज, लहसुन और अफीम की पैदावार अच्छी रहेगी। वहीं धनिया, अजवाइन और औषधीय फसलों के दाम अच्छे रहने का अनुमान जताया गया। लहसुन और प्याज के भी अच्छे भाव रहने की भविष्यवाणी की गई।
