चित्तौड़गढ। स्वदेशी केवल मिट्टी का दिया नहीं है, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल, विक्रांत युद्धपोत, लड़ाकू विमान, मंगलयान और चंद्रयान जैसी अत्याधुनिक तकनीकें भी स्वदेशी का हिस्सा हैं। आजादी से पूर्व भारत आत्मनिर्भर था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहा आत्मनिर्भर भारत अभियान अब देश के 140 करोड़ नागरिकों का साझा संकल्प बन चुका है।
उक्त विचार सांसद सी.पी. जोशी ने आज यहां पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए। सांसद जोशी ने कहा कि आज़ादी से पूर्व भारत कृषि, तकनीक और व्यापार में आत्मनिर्भर था और इसे सोने की चिड़िया कहा जाता था। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणों और अंग्रेजों की लूट ने देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया। अंग्रेजों ने 45 ट्रिलियन डॉलर मूल्य का सोना-चाँदी लूटा। स्वतंत्रता के बाद देश को सोना गिरवी रखकर अनाज आयात करना पड़ा।
सांसद ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने नई ऊँचाइयाँ छुई हैं। भारत अब 40ः चावल का निर्यात करता है। दूध और गेहूँ उत्पादन में विश्व में अग्रणी है। मोबाइल निर्माण में दूसरा स्थान। बुलेट प्रूफ जैकेट, सेमीकंडक्टर चिप और हाईटेक रेलवे तकनीक अब भारत में ही निर्मित है। सांसद जोशी ने ज़ोर देकर कहा कि स्वदेशी का मतलब इस देश की मिट्टी की खुशबू और श्रम शक्ति का पसीना है हमें खरीदारी और बिक्री में केवल स्वदेशी अपनाना होगा। इस माह युवा सम्मेलन, महिला सम्मेलन, उद्यमी सम्मेलन और छोटे व्यापारियों व रेहड़ी-पटरी वालों के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। सांसद ने मीडिया बन्धुओं से भी सहयोग की अपील की और कहा कि विकसित भारत बनाने में पत्रकारिता की भूमिका भी अहम है। सांसद जोशी ने आशा व्यक्त की कि आत्मनिर्भर भारत अभियान देश के नागरिकों को जोड़कर विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान केवल योजना नहीं बल्कि देश को मजबूत विकसित और तकनीकी रूप से स्वतंत्र बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी, संभाग सह मडिया प्रभारी सुधीर जैन, जिला मीडिया प्रभारी मनोज पारीक, सह मीडिया प्रभारी लोकेश त्रिपाठी, जिला आईटी संयोजक नंदकिशोर लोहार, कृष्णपाल सिंह चुंडावत आदि उपस्थित थे।