नीमच। राष्ट्रीय बीज मसाला अनुसंधान केंद्र (ICAR–NRCSS), अजमेर के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) नीमच के सहयोग से मेथी और कलौंजी फसलों पर फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (FLD) कार्यक्रम आयोजित किया।
इस अवसर पर जिले के प्रगतिशील किसानों को ‘अजमेर मेथी-5’ और ‘अजमेर कलौंजी-20’ जैसी उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए। साथ ही किसानों को बीज उपचार हेतु ट्राइकोडर्मा पाउडर और फसल उत्पादन तकनीकों से संबंधित जानकारीपूर्ण लीफलेट्स भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में KVK नीमच के प्रमुख डॉ. सी.पी. पचौरी, वैज्ञानिक डॉ. पी.एस. नारुका और डॉ. श्याम सिंह, तथा ICAR–NRCSS अजमेर से आए वैज्ञानिक डॉ. एम.डी. मीणा और डॉ. संजय कुमार उपस्थित रहे।
वैज्ञानिकों ने किसानों को मेथी और कलौंजी की उन्नत उत्पादन तकनीक, बीज उपचार, पोषक प्रबंधन एवं रोग नियंत्रण पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बीज मसाला फसलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. सी.पी. पचौरी ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने बताया कि KVK और NRCSS किसानों को समय-समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने वैज्ञानिकों से फसलों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की और नई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने का संकल्प लिया।